नरक बना ओझा गांव
सालों से जलभराव और समस्याओं से जूझ रहे ग्रामीण
भाकियू टिकैत ने 4 अगस्त को सालारपुर ब्लॉक पर हुंकार भरने का किया ऐलान
बदायूं। बदायूं जिले के विकास खंड सालारपुर अंतर्गत आने वाला गांव ओझा पिछले कुछ वर्षों से प्रशासनिक उदासीनता और गंभीर समस्याओं के चलते बदहाली का शिकार बना हुआ है। गांव की बदतर हालत और जलभराव के कारण कई घरों से लोगों का बाहर निकलना तक दूभर हो गया है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि ग्रामीणों का जीवन नर्क बन गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन और सालारपुर विकास खंड कार्यालय में कई बार शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन कथित तौर पर राजनीतिक दबाव के कारण अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है।
ग्रामीणों की इस नारकीय स्थिति और प्रशासनिक सुस्ती के विरोध में अब भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने कड़ा रुख अपना लिया है। किसानों और ग्रामीणों के समर्थन में भाकियू टिकैत ने सालारपुर विकास खंड पर बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत के सदर तहसील अध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने ऐलान किया कि आगामी 4 अगस्त 2026 को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) बदायूं के बैनर तले सालारपुर विकास खंड कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। अर्जुन सिंह ने साफ कहा कि इस प्रदर्शन और इसके बाद उत्पन्न होने वाली समस्त प्रशासनिक जिम्मेदारी पूरी तरह से सालारपुर विकास खंड प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव और गंदगी के कारण उनका दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी राजनीतिक दबाव के चलते आंखें मूंदकर बैठे हैं। भाकियू टिकैत ने हुंकार भरते हुए स्पष्ट कर दिया है कि किसानों के हक और न्याय की इस लड़ाई में संगठन पीछे हटने वाला नहीं है—”लड़ेंगे और जीतेंगे।”
अब देखना यह होगा कि 4 अगस्त के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले जिला प्रशासन या खंड विकास कार्यालय इस समस्या के समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।
Budaun Amarprabhat