मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के डीन प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने कहा, गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, आत्मबोध और मानव निर्माण की सनातन परंपरा का उत्सव है। उन्होंने कहा, भारतीय संस्कृति में गुरु को ईश्वर से भी उच्च स्थान प्रदान किया गया है, क्योंकि गुरु ही अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करता है। प्रो. द्विवेदी कॉलेज ऑफ कम्प्यूटिंग साइंसेज़ एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी-सीसीएसआईटी और फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग- एफओई में श्रद्धा, संस्कार और ज्ञान के महापर्व गुरु पूर्णिमा महोत्सव और महर्षि वेदव्यास जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इससे पूर्व मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना, गुरु वंदना और महर्षि वेदव्यास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके कार्यक्रम का शंखनाद हुआ। संचालन सीसीएसआईटी की डॉ. शालिनी निनोरिया ने किया।
प्रो. द्विवेदी ने कहा, स्टुडेंट्स से जिज्ञासु बनने, निर्भीक होकर प्रश्न पूछने, असफलताओं से सीखने, निरंतर प्रयोग करने और राष्ट्र निर्माण के लिए अपने ज्ञान का सदुपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी शिक्षकों से पांच महत्वपूर्ण संकल्प- केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि प्रेरित करना, अनुकरण नहीं, बल्कि नवाचार को अपनाना; प्रत्येक विद्यार्थी का संवेदनशील मार्गदर्शक बनना; अनुसंधान, पेटेंट, उद्यमिता एवम् उद्योग-अकादमिक सहयोग को सशक्त करना; तथा प्रत्येक कार्य में शैक्षणिक ईमानदारी एवं उत्कृष्टता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देना का आह्वान किया। टीएमयू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के वाइस प्रिंसिपल प्रो. प्रभात कुमार, सीसीएसआईटी के डॉ. पराग अग्रवाल और सीसीएसआईटी के डॉ. संदीप वर्मा ने भी विचार व्यक्त करते हुए कहा, गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति की अनमोल धरोहर है। उन्होंने सभी से ज्ञान, विनम्रता, अनुशासन एवं सेवा के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आग्रह किया।
Budaun Amarprabhat