मदर्स पब्लिक स्कूल बदायूं में समर कैंप में बच्चों ने दी रंगारंग कार्यक्रमो की प्रस्तुति, धूमधाम से हुआ समापन।
समर कैंप को अगर हमें किन्हीं दो पंक्तियों में व्यक्त करना हो तो यह संभव नहीं है। किसी ने सच ही कहा है- धूप में निकलो घटाओं में नहाकर देखो, जिंदगी क्या है? किताबों को हटा कर देखो, किताबों में अगर सबक लिखे हैं तो मैदानो में उन्हें जिया है जीतने की जिद साहस में बदलती है और हारते हुए का प्रयास कभी-कभी घुटनों पर घिसटकर लकीरें बनाता है इससे छलकता लहू दर्द पैदा नहीं करता, बल्कि कुछ कर गुजरने का जज्बा उत्पन्न करता है।
मदर्स पब्लिक स्कूल बदायूं में समर कैंप में इन्हीं विचारों के साथ बच्चे कक्षाओं से निकलकर मैदानो में, मैदानो से कक्षाओं में प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन करते नजर आए।
नगर के उझानी रोड स्थित मदर्स पब्लिक स्कूल बदायूं में समर कैंप का शुभारंभ 26 मई दिन सोमवार को विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती शीबा खान तथा उप प्रधानाचार्या डॉ दीपशिखा पंत के द्वारा मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित करके हुआ तथा इसका समापन 6 जून दिन शुक्रवार को बड़े ही जोश के साथ हुआ। समर कैंप का प्रारंभ प्रतिदिन योगा तथा जुंबा डांस के द्वारा हुआ। इसके पश्चात बच्चों को मूवी दिखाना, नॉन फायर कुकिंग, डांस, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट प्ले करना, क्ले आर्ट, मेहंदी डिजाइन, टाई एंड डाई, मिट्टी के बर्तन बनाना, कढ़ाई करना, फोटोग्राफी करना, पेंटिंग, संगीत तथा विभिन्न प्रकार के खेलों का आयोजन किया गया। जिसमें सभी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।
समर कैंप के अंतिम दिन सभी विद्यार्थियों ने इस कैंप में जो कुछ भी सीखा उसका बड़े ही रोचक ढंग से प्रदर्शन किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या तथा उपप्रधानाचार्या डॉ दीपशिखा पंत ने सभी विजेता छात्राओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए और कहा कि बच्चों को कैंप में धूम तथा मस्ती के साथ-साथ कई नई चीजें सीखने का मौका मिलता है और बच्चों को विभिन्न क्षेत्रों के माध्यम से ज्ञान प्राप्त करने के लिए एक मंच प्रदान किया जाता है। विविधतापूर्ण गतिविधियां बच्चों की रचनात्मकता, अनुशासन तथा कलाकौशल को निखारने में सहायक होती है। और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह अति आवश्यक हैं। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat