क्रियात्मक, गतिविधि एवं सृजनात्मक शिक्षा शिक्षण आधार है, राम किशोर श्रीवास्तव
बरेली विद्या भारती विद्यालय बरेली महानगर के सरस्वती शिशु मन्दिरों में पढ़ने वाले सभी आचार्यों का एक दिवसीय अभ्यास वर्ग स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर नैनीताल मार्ग में संपन्न हुआ वंदना सत्र में शिशु शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश के जिला समन्वयक श्री सुनील कुमार सिंह एवं बाल कल्याण समिति के सह मंत्री श्री राकेश शर्मा विद्यालय व्यवस्थापक श्री दिनेश मलिक ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्राज्ज्वलन एवं पुष्प अर्चन कर अभ्यास वर्ग का शुभारंभ किया प्रशिक्षण वर्ग की आवश्यकता पर विचार रखते हुए श्री सुनील कुमार सिंह ने कहा शिक्षा, संस्कृति और सभ्यता का संरक्षण शिक्षा ही करती है, अध्यापन कार्य के लिए शिक्षा, निरन्तरता के लिए स्वाध्याय बहुत आवश्यक है, खेल-खेल में शिक्षा दी जाए ,तकनीकी शिक्षा आज के समय में बहुत आवश्यक है। श्री राकेश शर्मा ने कहां विचारों का आदान-प्रदान ही प्रशिक्षण है, समाज हमारी ओर कैसे आकर्षित हो हमें ऐसा कार्य करना चाहिए ।विद्या भारती शिशु वाटिका प्रमुख श्री राम किशोर श्रीवास्तव नें शिशु शिक्षण की बारीकियों पर विचार रखते हुए कहा कि शिक्षक हमारा दर्पण की तरह है जो अपने आचरण से एकाग्रता से शिक्षा प्रदान करें इसके साथ ही क्रियात्मक, गतिविधि एवं सृजनात्मक शिक्षण से ही शिशु अपनी गतिविधियों को अपने शिक्षा में तीव्रता से ग्रहण करता है। किसी के साथ अंग्रेजी विषय का शिक्षण विद्यालय के आचार्य श्री राम किशोर जी ने लिया वैदिक गणित का शिक्षण श्री बसंत लाल जी ने किया। द्वितीय सत्र में शिक्षा विद श्री आर. एन.सक्सेना ने अपने उद्बोधन में बताया शिक्षा एक मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसे मोटिवेट कर सुधार किया जा सकता है, असफलता से सफलता की ओर चलना चाहिए समापन सत्र में श्री राजीव सक्सेना व्यवस्थापक नेकपुर विद्यालय ने अपने विचार रखें। विद्यालय प्रधानाचार्य सुनील कुमार सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन श्री राजेश कुमार त्रिपाठी प्रधानाचार्य रामपुर बाग ने किया इस अवसर पर संकुल के सभी प्रधानाचार्य एवं सभी 112 आचार्य,आचार्या उपस्थित रहे उक्त जानकारी वर्ग मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने दी।
Budaun Amarprabhat