बिसौली में या हुसैन की सदाओं संग अकीदत से मना मोहर्रम 
बिसौली। पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत का प्रतीक मोहर्रम गमगीन माहौल में अकीदत के साथ मनाया गया। नगर के मुस्लिम बहुल इलाकों से अमन और एहतराम के माहौल में मेंहदी और ताजियों का जुलूस निकाला गया। मोहर्रम को खुशियों का नहीं बल्कि गम का महीना माना जाता है। कर्बला की घटना एक ऐसी त्रासदी थी, जिसमें इमाम हुसैन सहित उनके छोटे बच्चे तक प्यासी शहीद हो गए थे। मोहर्रम उसी कुर्बानी को याद करने का पर्व है। रविवार को मेहंदी और ताजियों का जुलूस निकाला तो उसके दीदार के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जुलुस अपने परंपरागत रास्तों से होता हुआ कर्बला पहुंचा। वहां गमगीन माहौल में ताजियों को दफन किया गया। मोहर्रम के अवसर पर किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। नगर में पुलिस इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह स्वयं जुलूस के साथ मौजूद रहे।जुलूस में नगर पालिका अध्यक्ष अबरार अहमद, काजी शाहनवाज खान, सपा नगर अध्यक्ष वाजिद खान, आकिल अंसारी, राशिद मंसूरी, मशहूद खां हमदम, जाकिर खान, इमरान सैफी, हाजी तस्लीम खा, शहजाद खान आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat