*9 जुलाई आम हड़ताल के समर्थन में मजदूरों, किसानों, कर्मचारियों का प्रदर्शन*
*सार्वजनिक संस्थानों का निजीकरण, आउटसोर्स कर्मियों की छंटनी , स्कूलों का मर्जर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : प्रेमपाल*
आज बदायूं में जनहित सत्याग्रह मोर्चा और क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के आह्वान पर 9 जुलाई आम हड़ताल के समर्थन में एक जुलूस और सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में एटक, बिजली विभाग, किसान यूनियन, मूलनिवासी कर्मचारी महासंघ से जुड़े साथी मौजूद रहे।
क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के हर्षवर्धन ने बताया कि देशभर के ट्रेड यूनियन महासंघों, स्वतंत्र यूनियनों, फेडरेशन के द्वारा एक दिवसीय आम हड़ताल का आह्वान पर किया गया है। इसका समर्थन सामाजिक एवं जनपक्षधर संगठन , शिक्षक संगठन एवं संयुक्त किसान मोर्चा के घटक संगठनों ने भी किया है। इस हड़ताल के माध्यम से देश का मजदूर वर्ग अपनी जुझारू एकता को प्रदर्शित करेगा। और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करेगा।
मोर्चा के अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह ने बताया यह हड़ताल मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं , पूंजीपरस्त नीतियों के खिलाफ है। हड़ताल के माध्यम से मजदूरों कर्मचारियों के श्रम अधिकारों एवं सामाजिक सुरक्षा पर किए जा रहे हमलों के खिलाफ तथा सार्वजनिक संस्थानों के निजीकरण के खिलाफ रोष व्यक्त किया जा रहा है।
किसान यूनियन के नेता चौधरी सौदान सिंह ने कहा इस दौरान आउटसोर्स/ संविदा कर्मियों की बड़े पैमाने पर छंटनी की गई है। इनका वेतन रोका गया है, जिस कारण इनके ऊपर रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इस हड़ताल के माध्यम से हम बताना चाहते हैं कि सरकारों द्वारा मजदूरों कर्मचारियों का शोषण – उत्पीड़न बंद किया जाए।
साथी सुनील कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कक्षा 1 से 8 तक के 50 छात्रों से कम संख्या वाले स्कूलों के मर्जर का फैसला सरकार द्वारा लिया गया है। इस फैसले का असर गरीब परिवारों के छात्रों एवं इन स्कूलों में काम करने वाले लोगों पर पड़ेगा। देश के मजदूरों – किसानों – मेहनतकशों सहित अन्य आम नागरिकों पर भी इस सबका बहुत बुरा असर पड़ेगा।
एटक के प्रांतीय नेता राजेश कुमार जौहरी ने कहा कि वर्तमान सरकार उदारीकरण, निजीकरण की जनविरोधी नीतियों को आगे बड़ा रही हैं। देश की सारी संपदा को एकाधिकारी पूंजीपति वर्ग के हवाले किया जा रहा है। पूंजीपति वर्ग के हितों को आगे बढ़ाने के लिए जनविरोधी नीतियों देश के मेहनतकश आवाम के ऊपर थोपी जा रही हैं। इस हड़ताल के माध्यम से देश का मजदूर किसान इन नीतियों का प्रतिकार कर रहा हैं।
सभा का संचालन करते हुए महामंत्री चरण सिंह यादव ने कहा कि यह हड़ताल मजदूरों को अपनी एकता को और भी व्यापक बनाने का माध्यम है। अपनी जुझारू एकता के दम पर हम पूंजीवादी व्यवस्था को चुनौती दे सकते हैं और अपनी मांगों को भी मनवा सकते हैं।
कार्यक्रम में डा मुन्ना लाल,राजेंद्र सिंह, धीरेंद्र सिंह, प्रेमपाल प्रजापति, टीटू, पूर्व प्रवक्ता रामप्रकाश जी, विवेक शर्मा, तेजेंद्र सिंह, सुशील कुमार, राजेश सक्सेना, तरुद्दीन, सुभाष, रंजीत, सुनील सिंह, हर्षवर्धन, प्रेमपाल, डा सतीश, अजेंद्र सिंह,अभय सिंह,रामचंद्र सिंह,आर के जौहरी, चरन सिंह यादव, विशाले खान, चौधरी सौदान सिंह, जगत पाल,सहित अन्य दर्जनों मजदूर ,किसान, कर्मचारी उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat