गुरु वही जो अपने शिष्यों को उचित मार्ग दिखाता है: रूप
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गुधनी में आर्य समाज के तत्वावधान में बृहस्पतिवार की शाम गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया गया। वैदिक विद्वान धर्मगुरु आचार्य संजीव रूप का देश भर के लोगों ने आदर और सत्कार किया। विधायक हरीश शाक्य तथा भाजपा नेताओं ने उन्हे सम्मानित किया। आचार्य ने कहा गुरु का अर्थ होता है प्रकाश अर्थात गुरु अपने शिष्य को अज्ञान रूपी अंधकार से दूर करने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा गुरु की बड़ी जिम्मेदारी होती है यदि शिष्य गलत मार्ग पर चलता है तो उसका दोष गुरु पर भी आता है किंतु आज समाज के लोग गुरु चुनने में भी भूल करते हैं कहावत बड़ी प्रसिद्ध थी पानी पियो छान कर, गुरु करो जानकर। लेकिन अब छद्म लोग भी गुरु होने लगे हैं, जो गुरु होने के लायक नहीं है। सद्गुरु वही होता है जो स्वयं पवित्र जीवन जीता हुआ शिष्यों को भी पवित्र जीवन की शिक्षा दे। इस मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष राहुल शाक्य, प्रधान सूर्य प्रताप सिंह, पिंकू श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat