*कॉरपोरेट-सरकारी गठजोड़ के तहत पायलटों को बनाया जा रहा बलि का बकरा :लोकदल*
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*लखनऊ*। बोइंग कंपनी की लापरवाही से देश के 270 मासूमों की जान विमान दुर्घटना में लिए जाने को लेकर लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में भारत सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय ने बोइंग को बचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे है साथ ही, अदानी समूह के फ्यूल डिपो और एयरपोर्ट ऑपरेशंस के व्यावसायिक हितों को ध्यान में रखते हुए, दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी पायलटों पर थोपने की रणनीति अपनाई जा रही है।
अहमदाबाद में हुई विमान दुर्घटना को लेकर जिस प्रकार से पायलटों पर एकतरफा दोषारोपण किया जा रहा है, वह न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि गहरे
सवाल भी खड़े करता है।जब पायलट एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि इस दुर्घटना के पीछे तकनीकी खामी थी, जो कि विमान निर्माता बोइंग कंपनी की जिम्मेदारी में आती है। इसके बावजूद पायलटों को दोषी ठहराकर असली जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
ऐसे में यह आशंका और गहराती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दबाव रहा हो, जिससे बोइंग जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनी को बचाने के लिए भारतीय विमान सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज कर लोगो के जान से खेल रहा है।
अडानी समूह का नाम इस मामले में आने से यह संदेह और भी मजबूत होता है कि कॉरपोरेट-सरकारी गठजोड़ के तहत पायलटों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। यह केवल पायलटों के साथ अन्याय नहीं, बल्कि देश की विमानन सुरक्षा और स्वाभिमान के साथ समझौता है।
हम मांग करते हैं कि इस पूरे प्रकरण की किसी निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए, जिससे न केवल सच्चाई सामने आए बल्कि यह भी स्पष्ट हो कि किस स्तर पर किसने जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की। देश को जानने का हक है यह दुर्घटना महज़ तकनीकी चूक नहीं इसके पीछे गहरी कारपोरेट और उसको फायदा देने और राजनीतिक मिलीभगत है।
Budaun Amarprabhat