आज नगर के प्रीत विहार कॉलोनी स्थित हार्टफुलनेस ध्यान केंद्र पर तीन दिवसीय ध्यान शिविर का समापन जिज्ञासुओं के द्वारा ग्रहण की गई
हार्टफुल आध्यात्मिक साधना के सुखद अनुभूतियाँ के साथ हुआ। प्रशिक्षक अशोक कुमार सिंह द्वारा बताया गया कि स्व से जुड़ने के लिए हार्टफुलनेस की प्रार्थना के साथ प्रातः ध्यान प्रारंभ करने के विशेष लाभ है तथा दिन के अंत में प्रार्थना ध्यान करके सोने से पूरी रात्रि उस दिव्य स्त्रोत्र के साथ जुड़ाव बना रहता है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपना ध्यान हदय पर दिव्य प्रकाश के स्त्रोत पर लगाने से हम अन्तरमुखी बन जाते हैं। क्षेत्रीय सम्नवयक अनुज सक्सेना ने कहा कि जीवन में अधिकांश समस्याएं तनावपूर्ण परिस्थितियों को उत्पन्न करती है जिनका मूल कारण हमारा संवाद का तरीका होता है। जब हम हार्टफुलनेस ध्यान का अभ्यास करने लगते हैं तो हमारे भीतर से परिवर्तन प्रारंभ हो जाता है और अच्छे बुरे के प्रति हम सजग व संवेदनशील होने लगते हैं जिसके परिणामस्वरूप हम हार्टफुल सम्प्रेषण का प्रयोग करना सीख जाते हैं, जिससे तनावपूर्ण दशा से बचाव करना सरल हो जाता है। साथ ही बताया कि हार्टफुलनेस के तीसरे मार्गदर्शक परम पूज्य पार्थ सारथी राजगोपालाचारी जी का जन्मोत्सव हार्टफुलनेस ध्यान केंद्र पर धूमधाम से चौबीस जुलाई को मनाते हुए विशेष ध्यान सत्रों का एवं भंडारे का आयोजन किया जायेगा जिसमें सभी जिज्ञासुओं को हृदय से आमंत्रित किया जाता है। इस अवसर पर प्रशिक्षक लखन सिंह, नीरज कुमार उपस्थित रहे। स्वयंसेवक रुपेंद्र पाल, कीर्ति कुमार गोयल, सुरेंद्र सक्सेना, विवेक कुमार,रवेंद्र कुमार, गोविन्द, पंकज कुमार, प्रिंसी, रेखा, स्मिता रस्तोगी आदि का विशेष सहयोग रहा। केंद्र समन्वयक संतोंष सक्सेना ने सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया।
Budaun Amarprabhat