30 जुलाई तक धारा 163 प्रभावी, परीक्षा के दृष्टिगत अतिरिक्त प्रतिबंध लागू
बदायूँ : 26 जुलाई। अपर जिला मजिस्ट्रेट अरुण कुमार ने आदेश जारी किए कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144) के अन्तर्गत 30 जुलाई 2025 तक प्रभावी है, में लगाये गये प्रतिबन्धों के अधीन सहायक समीक्षा अधिकारी व समीक्षा अधिकारी परीक्षा-2023 के आयोजन को सकुशल एवं शांतिपूर्वक सम्पन्न कराये जाने हेतु अतिरिक्त प्रतिबन्ध तत्काल प्रभाव से लागू किये गए है।
उन्होंने निर्देश दिए कि परीक्षा केन्द्रों के आस-पास ध्वनि विस्तारण यन्त्रों का प्रयोग तथा परीक्षा परिसर में मोबाईल फोन, ब्लूटूथ अन्य संचार संबंधी उपकरण एवं आई०टी० गजेट्स ले जाना पूर्णतया प्रतिबंधित है। परीक्षा की समाप्ति तक किसी भी अभ्यर्थी अथवा प्रश्न-पत्र को परीक्षा केन्द्र से बाहर न जाने दिया जाये।
अनुचित साधनों का प्रयोग रोकने तथा प्रश्न-पत्रों के रख-रखाव एवं उनके संचरण के मध्य समुचित सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रशासन व पुलिस बल उपलब्ध कराया जाए तथा अन्य कोई कठिनाई, जो सुरक्षा से सम्बन्धित हो, का निराकरण कराया जाएय। परीक्षार्थियों को जारी प्रवेश पत्र ही पास माना जायेगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति शासकीय ड्यूटी कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों को डराने, धमकाने अथवा किसी प्रकार की क्षति पहुँचाने वाला कार्य नहीं करेगा। कोई व्यक्ति परीक्षा केन्द्र में पठन-पाठन सामग्री, सैल्यूलर फोन कैलकुलेटर, माचिस, ब्लूटूथ, मोबाइल फोन, टेबलेट अन्य संचार संबंधी उपकरण एवं आईटी गजेट्स आदि नहीं ले जायेगा।
कोई भी व्यक्ति प्रश्नपत्रों की गोपनीयता परीक्षा पूर्व भंग नहीं करेगा। कोई भी मुद्रक एवं प्रकाशक परीक्षार्थियों को गुमराह करने वाली सामग्री का मुद्रण, प्रकाशन, विक्रय अथवा वितरण नहीं करेगा। परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर के परिधि में फोटोस्टेट मशीन की दुकान साइवर कैफे तथा पीसीओ आदि ऐसी दुकानों को बन्द रहेगी। कोई भी व्यक्ति परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर के परिधि में किसी भी परिस्थिति में व्यक्तियों के समूह को न तो एकत्रित करेगा और न ही एकत्रित होने के लिये प्रेरित करेगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश शासन, विधायी अनुभाग-1 लखनऊ के गजट 06 अगस्त 2024 के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 लागू है। जो भी व्यक्ति उक्त अधिनियम का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उन व्यक्तियों के विरूद्ध उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।
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Budaun Amarprabhat