Breaking News

मनुष्य को अछूत माने वाले मनुष्य नहीं हो सकते: आचार्य रूप।

Spread the love

मनुष्य को अछूत माने वाले मनुष्य नहीं हो सकते: आचार्य रूप

बेहटा गुंसाई में आचार्य ने कराया यज्ञ

बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव बेहटा गुंसाई में स्थित ग्राम देवता मंदिर में जाटव समाज द्वारा विशेष यज्ञ कराया गया। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। समाज सुधारक वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने यहां यज्ञ संपन्न कराया। यज्ञ करते हुए उन्होंने कहा भगवान ने हम सबको मनुष्य बनाया है जाति और मजहब हमने बना लिए है। अछूत तो बिजली होती है, बिच्छू होता है, आग होती है, सांप होता है, मनुष्य अछूत कैसे हो सकता है। मनुष्य को अछूत माने वाले मनुष्य नहीं हो सकते। उन्होंने कहा ‘चार वर्ण मिलकर के ही एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण करते हैं। दुनिया का हर आविष्कारक, वैज्ञानिक तथा मस्तिष्क से काम करने वाला रचनाकार ब्राह्मण वर्ण का माना जाता है। जितने भी रक्षा के कार्य में लगे हैं वे क्षत्रिय माने जाते हैं। जितने भी व्यापार कृषि पशुपालन करते हैं वे सब वैश्य होते हैं। किंतु जिन्हें पढ़ने से विद्या न आए काला अक्षर भैंस बराबर हों वे ही शूद्र कहलाते हैं किंतु उनकी स्थिति शरीर में मुख हाथ पेट व पैरों की तरह होती है। शरीर के सभी अंग एक दूसरे के साथ मिलकर काम करते हैं ऐसे ही हम सबको परस्पर जातिवाद, छुआछूत को ना मानकर एक दूसरे के काम आना चाहिए तथा संगठित रहना चाहिए। संगठन में ही बल होता है और सुख होता है। इस मौके पर सैकड़ो की तादाद में जाटव समाज के लोग मौजूद रहे


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

टीएमयू में सीओई सीनियर्स की अविस्मरणीय विदाई, कल्चरल इवेंट्स ने समारोह में बांधा समां

Spread the love तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग- सीओई में बीटेक-सीएसई की फेयरवेल …

error: Content is protected !!