उसहैत
क्षेत्र में विभागीय लापरवाही एवं प्रशासनिक अनदेखी के चलते आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हेतु लगाई गयी बीएलओ की ड्यूटी में भारी अनियमितताएं की गयी हैं।इस सूची में करीब आधा दर्जन जिला छोडकर जा चुके शिक्षकों,19 इंचार्ज प्रधान अध्यापकों और कुछ एकल विद्यालयों के शिक्षकों को भी बीएलओ बना दिया गया है ऐसे में कई विद्यालयों में ताला पड जाएगा।जिससे क्षुब्ध राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने अपनी आपत्ति खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से अधिकारियों को दर्ज कराई है।
दोनों शिक्षक संघ के नेताओं का आरोप है जब विद्यालय के इंचार्ज बीएलओ की ड्यूटी करेंगे तो एमडीएम,, डीबीटी, एडमिशन समेत अन्य विद्यालयी कामकाज कैसे चलेगा।साथ ही हास्यास्पद बात तो यह है कि अन्तर्जनपदीय ट्रांसफर पर चले गये अध्यापकों के नाम भी शामिल हैं वह कैसे ड्यूटी करने आयेंगे।उनकी जगह पर आये अध्यापकों के नाम शामिल होने चाहिए थे।लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।एकल अध्यापक जो स्कूल से जाते ही विद्यालयों ताला पड जाएगा ऐसे अध्यापकों को भी नहीं छोड़ा गया है।दोनों शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने तत्काल सूची में सुधार की मांग की है।