कादरचौक ब्लॉक संसाधन केंद्र, असरासी पर बुनियादी भाषा एवं संख्या ज्ञान (एफ.एल.एन.) तथा एन.सी.ई.आर.टी. पाठ्य पुस्तकों पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस पर नोडल ए.आर.पी. (हिंदी) शैलेन्द्र कुमार सिंह ने भाषा शिक्षण प्रशिक्षण के परिचय के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की जैसे- अकादमिक वर्ष के प्रमुख तत्वों का पुनर्गठन। कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों में मौखिक तर्कशीलता विकसित करना। ब्लेडिंग और ग्रेड के प्रभावी उपयोग के माध्यम से शब्द पठन। कक्षा 1 से 3 की पाठ्यपुस्तक एवं कार्य पुस्तिका की गतिविधियों पर बच्चों की सहायता करने की रणनीतियां। रिमेडियल शिक्षण। शिक्षक के दौरान समावेशी वातावरण का निर्माण करना। भाषा के सत्रों का समेकन आदि की विस्तृत जानकारी दी। पूर्व ए.आर.पी. सुनील कुमार ने एकेडमिक वर्ष की शिक्षण रणनीतियों के प्रमुख बिंदुओं का दोहराव एवं कक्षा एक और दो कि निपुण सूची को समझना बताया गया। फिर ग्रुप बनाकर क्विज प्रतियोगिता कराई गई। उसके बाद समूह में डेमो एवं प्रस्तुतीकरण किया गया। डॉ. जुगल किशोर राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक ने प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों द्वारा ध्यान रखने योग्य बातों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर अंजुम खान ए.आर.पी. (अंग्रेजी), रत्नेश कुमार ए.आर.पी. (विज्ञान) संदर्भ दाता विनीत सोलंकी, परमानंद, परमवीर सिंह दीवला, जाकिर अली खान, जितेंद्र कुमार, अंकित गुप्ता, जमीर अहमद, कमल किशोर, ललित माहेश्वरी, फरहत जावेद, भावना पटेल, मोहम्मद जुबेर खान, कफील अहमद खान, शाहनवाज खान, भावना मित्तल, साकिब अली खान, मोहिनी गुप्ता, रिचा गर्ग, हरेंद्र मोहन, रूमाना बेगम, ज्योति, लालाराम, मोहम्मद नावेद, देवेंद्र कुमार, सोमेश चंद्र आदि।
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