Breaking News

जहां भक्ति होती है वहीं पर भगवान निवास करते हैं: अयोध्यादास रामायणी

Spread the love

जहां भक्ति होती है वहीं पर भगवान निवास करते हैं: अयोध्यादास रामायणी

बिल्सी में नौवें दिन संपन्न हुई भगवान राम की कथा

बिल्सी। कछला रोड स्थित श्री माहेश्वरी भवन में चल रही श्रीराम कथा के अंतिम दिन कथावाचक अयोध्यादास रामायणी ने कहा कि भगवान राम का भावपूर्वक स्मरण करने से जीव के सभी दु:ख दूर हो जाते हैं। यहां कथावाचक श्रीराम कथा में अहिल्या उद्धार और जनकपुर पुष्प वाटिका के भ्रमण और धनुष भंग की कथा को श्रद्धालुओं को श्रवण करा रहे थे। ऋषि विश्वामित्र के मुख से धनुष यज्ञ की चर्चा सुनकर भगवान श्रीराम मुनिवर के साथ चल दिए। उन्होंने रास्ते में एक आश्रम देखा। जहां जीव जंतु नहीं थे। प्रभु श्रीराम ने एक पत्थर की शिला देखी। ऋषि विश्वामित्र ने ऋषि गौतम की पत्नी अहिल्या के पत्थर होने की कथा प्रभु राम को सुनाई। गौतम ऋषि के श्राप से अहिल्या पत्थर की हो गई थीं। रामायणी ने कहा कि यह पत्थर की शिला प्रभु श्रीराम के चरण रज का स्पर्श चाहती है। प्रभु के पावन चरण रज से उसके शोक नष्ट हो गए। अहिल्या नारी के रूप में प्रकट हो गईं। अहिल्या बार-बार प्रभु के चरण पड़ती हैं और आनंद से भरकर परलोक चली गई। संत रामायणी ने कहा कि दशरथ ज्ञान तथा सीता भक्ति है, जहां भक्ति होती है वहीं भगवान निवास करते हैं। इस मौके पर नरेन्द्र गरल, दिनेश बाबू वाष्र्णेय, चन्द्रपाल तोष्णीवाल, मनोज वार्ष्णेय, लोकेश बाबू वार्ष्णेय, नीरज माहेश्वरी, संजीव वार्ष्णेय, दुर्गेश बाबू वार्ष्णेय, आशीष वशिष्ठ, सत्यपाल गुप्ता, डा,राजाबाबू वाष्र्णेय आदि मौजूद रहे।


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

अंबियापुर चौराहे पर मामूली कहासुनी में दो पक्षों में मारपीट, तीन लोग घायल

Spread the loveबिल्सी। कस्बे के अंबियापुर चौराहे पर मामूली कहासुनी को लेकर दो पक्षों के …

error: Content is protected !!