आज गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय, बदायूं द्वारा हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर हिन्दी विभाग द्वारा प्रश्नोत्तरी और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में आंशिक पटेल प्रथम, रिया द्वितीय और उर्वशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। हिन्दी दिवस के उपलक्ष्य में काव्य पाठ और ‘हिन्दी का भविष्य ‘ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बी ए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की छात्राओं ने भाग लिया। छात्राओं ने वर्तमान में हिन्दी भाषा की दशा पर चर्चा करते हुए उसके भविष्य एवं चुनौतियों पर चर्चा की। अंग्रेजी के सापेक्ष हिन्दी के प्रति हेय दृष्टि, संस्थाओं व अदालतों में अंग्रेजी के प्रयोग, अंग्रेजी संस्कृति के प्रति श्रेष्ठताबोध, व विभिन्न भाषाभाषी लोगों द्वारा हिन्दी का अस्वीकार इत्यादि चुनौतियों को क्रमशः उर्वशी, रिया,शगुन व मुस्कान द्वारा रेखांकित किया गया। सृष्टि, उर्मिला,सेजल आदि छात्राओं ने काव्य पाठ किया।कार्यक्रम अध्यक्षा प्राचार्या डॉ सरला देवी चक्रवर्ती ने अपने वक्तव्य में कहा कि हिन्दी दिवस हमारी सांस्कृतिक जड़ो को देखने और अपनी समृद्धशाली इतिहास को याद करने का दिन है। मुख्य वक्ता के रुप में डॉ उमा सिंह गौर ने बताया कि हिन्दी हमारी परंपरा, संस्कृति और साहित्य की धरोहर है इसलिए हमें इस भाषा पर गर्व होना चाहिए।डॉ इति अधिकारी ने हिन्दी की इतिहास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की संचालिका डाॅ निशा साहू ने बताया कि हिन्दी भाषा भारत की पहचान है, हिन्दी के विकास से ही देश का विकास संभव है।डॉ पूनम सिंह ने हिन्दी भाषा की चुनौतियों की चर्चा करते हुए उसे राष्ट्रभाषा के रूप में दर्जा न मिल पाने, साम्प्रदायिक व धार्मिक ताकतों द्वारा हिन्दी के राजनैतिक प्रयोग, इत्यादि समस्याओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए उक्त चुनौतियों से निपटने हेतु महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम में महाविद्यालय की समस्त शिक्षिकायें उपस्थित रहीं।
Budaun Amarprabhat