Breaking News

श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर चूर किया इंद्र का घमंड

Spread the love

श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर चूर किया इंद्र का घमंड

बिल्सी में भागवत कथा का छठां दिन

बिल्सी। कछला रोड स्थित ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल में सिद्धपीठ श्री बालाजी धाम की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठें दिन कथावाचक रामचन्दाचार्य ने गोवर्धन पूजा महत्व समझाते हुए कहा कि देवताओं के राजा इंद्र का अहंकार भी भगवान के समक्ष नहीं चल सका। समय आने पर सभी का घमंड चूर हो जाता है। उन्होने कहा कि जब बृजवासी इंद्र की पूजा करने की तैयारी कर रहे थे, तभी श्रीकृष्ण ने उन्हें रोका और इंद्र की जगह पर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने की सलाह दी। इसके बाद लोगों ने ऐसा ही किया। इंद्र की जगह गोवर्धन पर्वत की पूजा शुरू की। इससे नाराज इंद्र ने वहां मूसलाधार बारिश शुरू कर दी। इससे बृजवासी काफी परेशान हो गए। तब श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर पूरा गोवर्धन पर्वत उठा लिया। इसके बाद सभी बृजवासी उसके नीचे आ गए। इसके बाद इंद्र को अपनी गलती का अहसास हुआ और उसने श्रीकृष्ण से क्षमा मांगी। इसके बाद से ही गोवर्धन पूजा का प्रचलन शुरू हुआ। कथावाचक ने इस दौरान अन्य कई प्रसंगों को भी सुनाया। इस मौके पर दरबार के महंत मटरुमल शर्मा महाराज, दीपक माहेश्वरी, अनीता माहेश्वरी, सुभाष चन्द्र बाहेती, शरद माहेश्वरी, रंजन माहेश्वरी, विशाल भारत खासट, डा.राजाबाबू वाष्र्णेय, अनूप माहेश्वरी, निशांत, नीरज, सरिता, मोहित देवल आदि मौजूद रहे।


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

विधवा पेंशनधारक महिलाएं प्राथमिकता से बनवाएं फैमिली आईडी, जल्द कार्यालय में करें जमा

Spread the loveबदायूं। जिला प्रोबेशन अधिकारी अभय कुमार ने जनपद की निराश्रित महिला पेंशन (विधवा …

error: Content is protected !!