बिल्सी में राम ने मार गिराया कुंभकरण, रावण हुआ चिंतित
बिल्सी। नगर में मोहल्ला संख्या छह स्थित रामलीला मैदान पर गोशाला रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला के मंच पर मंगलवार की रात वृंदावन के कलाकारों ने कुम्भकरण वध की लीला का मंचन किया। युध्द लगातार मिल रही हार के बाद लंका पति रावण अपने भाई कुंभकरण के पास पहुंचा। उस समय वह गहरी नींद में सो रहा था। किसी प्रकार रावण ने कुंभकरण को जगाया। इसके बाद उसको लंका की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। समाचार जान कर कुंभकरण व्यथित हुआ। अपने भाई रावण से लंका का ताजा समाचार जान कर कुंभकरण युद्ध क्षेत्र में पहुंच गया। कुंभकरण की गर्जना सुन कर भालू और वानर भिड़ गये। दोनों पक्षों ने एक दूसरे को युद्ध क्षेत्र में खूब छकाया। इसके बावजूद कुंभकरण पस्त नहीं हुआ। तब हनुमान ने उस पर प्रहार किया। पहले वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद फिर उठ खड़ा हुआ। नल और नील ने भी उस पर वार किया, लेकिन वह परास्त नहीं हुआ। बलशाली कुंभकरण की मार से अंगद और सुग्रीव मूर्छित हो गये। हनुमान भी मूर्छित हो गये। अंत में राम के बाण से कुंभकरण का सिर धड़ से अलग हो गया। इसके बाद रावण चिंतित हो गया। तब रावण का पुत्र मेघनाथ खुद लड़ने के लिए आता है और देवी मठ में बैठ कर हवन-यज्ञ करने लगता है। तब लक्ष्मण हवन विध्वंस कर मेघनाद को युद्ध के लिए ललकारते हैं। जिसके बाद लीला का समापन हो जाता है। मंचन के दौरान दौरान प्रबंधक विनोद पालावील, उमेश चंद्र गुप्ता, अजीत सिंह गूर्जर, संजीव वार्ष्णेय, विवेक राठी, जितेंद्र वार्ष्णेय, हरिओम राठौर, शेखर सक्सेना, प्रखर माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat