फतेहगंज पश्चिमी (बरेली): राजश्री मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र के बैंक खाते में करोड़ों रुपये होने की अफवाह उसकी जिंदगी पर भारी पड़ गई। इसी झूठी चर्चा के आधार पर उसके ही सहपाठी दोस्तों ने बाहरी युवकों के साथ मिलकर उसका अपहरण कर लिया। छात्र को घंटों कार में बंधक बनाकर धमकाया गया और मोबाइल से यूपीआई के जरिए 60 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। इतना ही नहीं, आरोपितों ने उसके पिता से 50 लाख रुपये की फिरौती भी मांगी। पुलिस की सक्रियता से अपहरणकर्ता छात्र को छोड़कर फरार हो गए।
सहपाठी ने ही रची थी साजिश
राजश्री मेडिकल कॉलेज का छात्र गौरव वरपे, निवासी सोनई गांव (अहिल्यानगर, महाराष्ट्र), अपने दो सहपाठियों दिविज बहल और गौरवेंद्र सिंह के साथ रविवार शाम घूमने निकला था। राधाकृष्ण मंदिर के पास एक ईको कार आकर रुकी और उसमें सवार बदमाशों ने तीनों को जबरन उठा लिया।
चलती कार में गौरव को घंटों धमकाया गया और उसके मोबाइल से यूपीआई के जरिए करीब 60 हजार रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिए गए। बाद में गौरव को पता चला कि उसके ही सहपाठी दिविज बहल ने पूरी साजिश रची थी।
पिता से मांगी गई 50 लाख की फिरौती
अपहरणकर्ताओं ने गौरव के पिता और उनके दोस्त कपिल को फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी और धमकी दी कि अगर पुलिस को सूचना दी गई तो बेटे की जान ले ली जाएगी। सर्विलांस की मदद से लोकेशन ट्रेस करने पर पुलिस की गाड़ियां इलाके में पहुंचीं, तो घबराकर अपहरणकर्ता गौरव को सुनसान जगह पर छोड़कर फरार हो गए।
अपनी गलती से पकड़ा गया आरोपी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दिविज बहल ऑनलाइन जूते बेचने का काम करता था और कर्ज में डूबा हुआ था। कर्ज चुकाने के लिए उसने गौरव के अपहरण की योजना बनाई। अपराध की दुनिया में यह उसका पहला कदम था, लेकिन उसने फिरौती मांगने के लिए अपना ही मोबाइल नंबर इस्तेमाल कर लिया, जिससे पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर तुरंत दबोच लिया। पूछताछ में दिविज ने जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
गौरव की तहरीर पर पुलिस ने दिविज बहल और उसके साथी सोनू सहित अन्य अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार बदमाशों की तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं। अपराध शाखा प्रभारी के अनुसार, अपहरण की साजिश कॉलेज परिसर में ही रची गई थी।
झूठी अफवाह ने बिगाड़ दी जिंदगी
पुलिस के मुताबिक गौरव के खाते में केवल 60 हजार रुपये थे, जबकि कॉलेज में उसके ‘करोड़पति’ होने की अफवाह फैलाई गई थी। इसी झूठी चर्चा ने उसकी जिंदगी खतरे में डाल दी।
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📰 अमर प्रभात, प्रतिनिधि
फतेहगंज पश्चिमी, जनपद बरेली
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Budaun Amarprabhat