संवाददाता — बदायूं
सलारपुर। जस्ट राइट फ़ॉर चिल्ड्रेंस अलायंस के सहयोग से संचालित “न्याय तक पहुँच” कार्यक्रम के तहत विकास खंड सलारपुर के सभागार कक्ष में आज एक दिवसीय वॉलेंटियर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि खण्ड विकास अधिकारी नितिन कुमार ने माँ सरस्वती पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
आयोजक संस्था काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान की सचिव मीना सिंह ने अतिथियों व वॉलेंटियरों का स्वागत करते हुए संस्था द्वारा बाल विवाह, बाल श्रम, बाल यौन शोषण और बाल तस्करी पर चलाए जा रहे हस्तक्षेपों की विस्तृत जानकारी दी।
खण्ड विकास अधिकारी नितिन कुमार ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह, बाल श्रम और शोषण को रोकना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने वॉलेंटियरों से अपने गांवों में बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।
इसके बाद सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) शिव कुमार ने सरकारी योजनाओं—वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, जन्म प्रमाण पत्र, सामूहिक विवाह योजना, फैमिली आईडी आदि—के बारे में विस्तार से जानकारी दी और सभी शंकाओं का समाधान किया।
थाना AHTU से उप-निरीक्षक इन्द्रपाल ने बाल एवं मानव तस्करी के कारणों, तरीकों और रोकथाम के उपायों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर प्रतीक्षा मिश्रा ने बाल एवं महिला शोषण की पहचान और उससे निपटने के तरीके समझाए।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के सुपरवाइजर सुनील कुमार ने हेल्पलाइन की भूमिका और बच्चों से जुड़े आपातकालीन मामलों में इसकी उपयोगिता बताई।
इसी क्रम में जेंडर स्पेशलिस्ट प्रीति चौहान ने 108, 181, 112, 1076, 1930 सहित सभी महत्त्वपूर्ण टोल-फ्री नंबरों की जानकारी दी।
प्रोग्राम मैनेजर गंगा सिंह ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 और बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों पर चर्चा की।
काउंसलर चेतना ने 100 दिवसीय अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की।
संस्था समन्वयक देवेन्द्र पाल ने बाल श्रम निषेध अधिनियम तथा श्रम विभाग की लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बताया कि समुदाय व स्कूलों में प्रभात फेरी और बैठकों के माध्यम से बाल विवाह के खिलाफ माहौल तैयार किया जा रहा है।
अंत में उपस्थित लोगों ने बाल विवाह न करने और न होने देने की शपथ ली।
कार्यक्रम के समापन पर संस्था सचिव मीना सिंह ने सभी अतिथियों और वॉलेंटियरों के प्रति आभार व्यक्त किया।
Budaun Amarprabhat