संवाददाता : गोविंद देवल
बदायूँ पुलिस ने ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत एक बार फिर प्रभावी पैरवी का सशक्त उदाहरण पेश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में संचालित इस अभियान के दौरान थाना कादरचौक में वर्ष 2020 में दर्ज हत्या व दहेज उत्पीड़न के बहुचर्चित प्रकरण में अदालत ने तीन अभियुक्तों को कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
थाना कादरचौक में पंजीकृत मुकदमा संख्या 188/2020 (धारा 302/34, 498A भादवि तथा 3/4 डीपी एक्ट) में अभियुक्त यूनिस, शमशाद और इरशाद—सभी निवासी जलालपुर, थाना कादरचौक—के विरुद्ध उ0नि0 अनिरुद्ध सिंह ने विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
पुलिस महानिदेशक द्वारा चिन्हित इस प्रकरण में अभियोजन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मॉनिटरिंग सेल बदायूँ तथा पैरोकार हे0का0 अवधेश कुमार ने एडीजे/एफटीसी/सीएडब्ल्यू न्यायालय में लगातार प्रभावी पैरवी की। परिणामस्वरूप आज अदालत ने सभी अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजाएँ सुनाईं।
यूनिस को 10 वर्ष का कठोर कारावास
अदालत ने मुख्य अभियुक्त यूनिस को धारा 304 भादवि में दोषी पाते हुए 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5000 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अर्थदण्ड न देने पर 2 महीने की अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया।
साथ ही यूनिस को धारा 498A में 3 वर्ष का कठोर कारावास व 3000 रुपये अर्थदण्ड, तथा धारा 3/4 डीपी एक्ट में 1 वर्ष का कठोर कारावास व 2000 रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है।
शमशाद व इरशाद को 8-8 वर्ष की सजा
अभियुक्त शमशाद और इरशाद को धारा 304 भादवि
Budaun Amarprabhat