संवाददाता: तारिक गाज़ी
सालारपुर। विकास खंड सालारपुर की ग्राम पंचायत हसनपुर एवं फकीराबाद में बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मिलने वाला पोषण आहार न देने और गबन करने के आरोप सामने आए हैं।
मौके पर शिकायत की जांच मुख्यमंत्री शोधार्थी मयंक सिंह ने की, जिसमें यह तथ्य सामने आया कि ग्राम हसनपुर की कीर्ति शास्त्री और फकीराबाद की ममता आंगनवाड़ी कार्यकत्री अपने कार्यस्थल पर नहीं आतीं और लाभार्थियों को पोषण आहार नहीं देतीं। शिकायत करने पर कार्यकत्रियाँ ग्रामीणों को धमकाती हैं और हरिजन एक्ट लगवाने की धमकी भी देती हैं।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि कीर्ति शास्त्री और ममता आपस में मां-बेटी हैं और मिलकर बाल विकास विभाग के पोषण आहार का गबन कर रही हैं। ग्रामवासियों ने भी इस बात की पुष्टि की कि पोषण आहार वितरण नहीं हो रहा है।
खण्ड विकास अधिकारी नितिन कुमार ने शिकायत सही पाए जाने पर दोनों आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की संस्तुति मुख्य विकास अधिकारी को भेज दी है। अधिकारियों ने कहा कि बाल विकास विभाग के पोषण कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि लाभार्थियों तक समय पर पोषण आहार पहुंचाया जाए और गबन व धमकी देने वाले कर्मचारियों पर उचित कार्रवाई की जाए।
Budaun Amarprabhat