बदायूं में कम्युनिस्ट नेता कामरेड मैडम निगार नफ़ीस एड की तीसरी पुण्यतिथि पर विराट कवि सम्मेलन, मुशायरा व सेमिनार आयोजित
संवाददाता : गोविंद देवल
बदायूं।
कम्युनिस्ट नेता व सामाजिक कार्यकर्ता कामरेड मैडम निगार नफ़ीस एड की तीसरी पुण्यतिथि के अवसर पर रविवार को स्काउट भवन बदायूं में विराट कवि सम्मेलन, मुशायरा एवं सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात शायर मोहतरम राग़िब ककरालवी ने की, जबकि संचालन की ज़िम्मेदारी अहमद अमजदी बदायूंनी ने निभाई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी बदायूं के ज़िला अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्री आशीष यादव रहे। विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ समाजवादी नेता जनाब फ़ख़रे अहमद शोबी तथा कांग्रेस पार्टी बदायूं के ज़िला अध्यक्ष श्री अजीत यादव शामिल रहे। आयोजन के संयोजक मोहतरम नफ़ीस अहमद साहब की अनुमति से कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ, जिसे राजवीर सिंह तरंग एवं पाक अहमद अमजदी बदायूंनी ने प्रस्तुत किया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में राग़िब ककरालवी ने शेर के माध्यम से मौजूदा हालात पर रोशनी डालते हुए कहा—
“ज़रूरत लौ चिराग़ों की बढ़ा कुछ,
मगर ज़ालिम ज़माने की हवा कुछ।”
संचालक अहमद अमजदी बदायूंनी ने अपने शेर से श्रोताओं को जोश से भर दिया—
“हम से और पीठ दिखाने से भला क्या मतलब,
हमने मैदान में तलवार से बातें की हैं।”
कवि सम्मेलन व मुशायरे में एक से बढ़कर एक रचनाओं की प्रस्तुति हुई। सादिक अलापुरी, राजवीर सिंह तरंग, अज़मत ककरालवी, विष्णु असावा बिल्सी, शम्स मुजाहिदी, ओजस्वी जौहरी सरल, कवित्री दीप्ति सक्सेना ‘दीप’, अच्छन बाबू अहबाब, पंडित अमन मायंक शर्मा, मुर्शिद अली खां गौरामई, सैय्यद अमान फर्रुखाबादी और हसरत गौरामई ने अपनी-अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावुक कर दिया।
इसके अतिरिक्त गौहर अली एडवोकेट, मुजाहिद नफीस, मुअम्मर नफ़ीस, शैहला निगार, ग़ज़ाला निगार, मरयम निगार, सलमान उर्फ चांद मियां, कमलेश श्रीवास्तव, गुड्डो सक्सेना, कुसुम सक्सेना, डॉ. शतीश, श्रीमान गुप्ता जी, आमिर सुल्तानी, अहमद नबी भाई, भाई नवनीत यादव सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजक व संयोजक मोहतरम नफ़ीस अहमद साहब ने सभी अतिथियों, कवियों, शायरों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कामरेड मैडम निगार नफ़ीस एड के विचार और संघर्ष आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे
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