
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गोदी नगला में आयोजित तीन दिवसीय भगवान बुद्ध की कथा के दूसरे दिन कथावाचक रीना शाक्य ने भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने राजकुमार सिद्धार्थ के विवाह और हंस पर दया के प्रसंग को भावपूर्ण ढंग से सुनाया।
कथावाचक ने बताया कि राजकुमार सिद्धार्थ का विवाह यशोधरा से हुआ था, लेकिन राजमहल के सुख-सुविधाओं के बीच रहते हुए भी उनके मन में करुणा और मानव कल्याण की भावना सदैव बनी रही। हंस पर दया के प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि घायल हंस को देखकर सिद्धार्थ का हृदय द्रवित हो उठा। उन्होंने हंस को मारने के बजाय उसकी रक्षा की और यह संदेश दिया कि जीवन की रक्षा ही सबसे बड़ा धर्म है।
यह प्रसंग करुणा, दया और अहिंसा के भाव को दर्शाता है, जो आगे चलकर भगवान बुद्ध के उपदेशों का मूल आधार बना। कथा के दौरान श्रद्धालु शांति और करुणा के संदेशों से भाव-विभोर हो उठे और बुद्ध वंदना के साथ कथा का श्रवण किया।
आयोजकों ने बताया कि कथा के माध्यम से समाज में सद्भाव, भाईचारा और मानवता का संदेश दिया जा रहा है। इस अवसर पर गांव के बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat