संवाददाता: आई एम खान
बिसौली। शनिवार को इमाम हजरत अली की यौमे पैदाइश के मौके पर नगर में जुलूस-ए-मौला-ए-कायनात निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत की और पूरे रास्ते “या अली” के नारों से माहौल गूंजता रहा।
जुलूस की शुरुआत मोहल्ला शीशमहल स्थित गुड्डू खां के मकान से हुई। इसमें खाने-ए-काबा, मदीना, नजफ और मौला अली की जुल्फिकार की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
जुलूस को संबोधित करते हुए जुबैर आलम ने कहा कि हजरत अली की शिक्षाएं इंसानियत, भाईचारे और शांति का पैगाम देती हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज इन शिक्षाओं पर अमल करे तो आपसी सौहार्द और भाईचारा और मजबूत हो सकता है।
परंपरागत मार्गों से होता हुआ जुलूस अपने गंतव्य पर पहुंचा, जहां फातिहा पढ़ी गई। अकीदतमंदों ने मुल्क की तरक्की, आपसी भाईचारे और अमन-चैन के लिए दुआ मांगी। इस दौरान असरार एंड शब्बर पार्टी की ओर से पेश की गई कव्वाली ने जुलूस की रौनक को और बढ़ा दिया।
इस अवसर पर जुबैर आलम खां, मशहूद खां हमदम, अभीक्ष पाठक आहत, मेहर खान, एड पच्चू मियां, असलम सैफी, कासिम खान, सालिम खान, आसिम खान, शानू मदारी, सूफी मुकीद, अद्दा सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat