तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ फार्मेसी में बोत्स्वाना मेडिसिन एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी, दक्षिण अफ्रीका के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.फरात अली का ड्रग मेटाबॉलिज़्म एवम् फार्माकोकाइनेटिक्स में नवाचारः आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हर्बल ज्ञान एवम् ट्रांसलेशनल साइंस पर विशेषज्ञ व्याख्यान
मुरादाबाद। बोत्स्वाना मेडिसिन एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी, दक्षिण अफ्रीका के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.फरात अली बोले, आधुनिक औषधि खोज एवम् विकास में ड्रग मेटाबॉलिज़्म और फार्माकोकाइनेटिक्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित मॉडलिंग, औषधियों के वैज्ञानिक मूल्यांकन और अकादमिक-उद्योग समन्वय पर विशेष प्रकाश डालते हुए छात्रों को नवाचार एवं अनुसंधान के लिए प्रेरित किया। डॉ. फरात ने डीएमपीके की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए उत्पाद रसायन और अवशोषण, वितरण, मेटाबोलिज्म, और निष्कासन- एडीएमई के बारे में विस्तार से समझाया। डॉ. फरात तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ फार्मेसी में इंस्टीट्यूशन्स इन्नोवेशन काउंसिल- आईआईसी के तत्वावधान में ड्रग मेटाबॉलिज़्म एवम् फार्माकोकाइनेटिक्स में नवाचारः आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हर्बल ज्ञान एवम् ट्रांसलेशनल साइंस पर आयोजित विशेषज्ञ व्याख्यान में बतौर एक्सपर्ट बोल रहे थे। इससे पूर्व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.फरात अली, फार्मेसी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आशु मित्तल एवं उप-प्राचार्य प्रो. मयूर पोरवाल आदि ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
डॉ.फरात अली ने बताया कि एडीएमई गुणों की अपर्याप्त समझ और मूल्यांकन दवा उम्मीदवारों की विफलता के प्रमुख कारणों में से एक है। उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बताया कि एडीएमई अध्ययन का प्रारंभिक एकीकरण नई रासायनिक इकाइयों की प्रभावशीलता, खुराक निर्धारण, और सुरक्षा सीमाओं के निर्धारण के लिए आवश्यक है। साथ ही मेटाबोलिज्म अध्ययन के लिए उपयोग किए जाने वाले विट्रो मॉडल्स पर चर्चा करते हुए बताया कि एलसी-एम/एस तकनीक मेटाबोलाइट पहचान और क्वांटिफिकेशन में महत्वपूर्ण है। अतिथि व्याख्यान से पूर्व मुख्य अतिथि को पौधा भेंट करके स्वागत किया गया। अंत में प्रशस्ति पत्र प्रदान करके सम्मानित किया गया। फार्मेसी कॉलेज के आईआईसी एम्बेसडर एवम् कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आशीष सिंघई ने वोट ऑफ थैंक्स दिया। कार्यक्रम में डॉ. राजेश शर्मा, डॉ अनुराधा पवार, डॉ प्रेमशंकर, श्री मोहित, श्रीमती अनुज्ञा के संग-संग रिसर्च स्कॉलर्स, फार्मेसी कॉलेज के बी. फार्मा, एम. फार्मा स्टुडेंट्स आदि मौजूद रहे। संचालन छात्र संदेश सराफ ने किया।
Budaun Amarprabhat