राम कथा से श्रद्धालुओं ने किया धर्म व भक्ति का रसपान
संवाददाता : गोविंद देवल | बिसौली
नगर के प्राचीन शिव मनकामेश्वर मंदिर में चल रही राम कथा के पंचम दिवस पर श्रद्धा और भक्ति का भाव चरम पर रहा। कथा व्यास पंडित देशपाल भारद्वाज जी ने श्रोताओं को राम कथा का सार समझाते हुए भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण और सुंदर वर्णन किया।
कथा व्यास ने कहा कि कलयुग में भगवान की कथा सुनना ही सबसे बड़ा साधन है, जिससे जीव को मोक्ष की प्राप्ति होती है और जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश होता है। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम का अवतार अधर्म के विनाश और धर्म की स्थापना के लिए हुआ था। उनके वचनों से पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया।
प्रसंगानुसार कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से कथा रसपान किया और जय श्रीराम के उद्घोष से वातावरण गूंज उठा। कथा में नवीन कुमार गुप्ता, सौरव गुप्ता, सत्यम उपाध्याय, निखिल गुप्ता, कपिल गुप्ता, लता गुप्ता, रूपम गुप्ता, हर्ष गुप्ता, कविता गुप्ता, निर्मला गुप्ता, मनोरमा, रीना, सावित्री, स्वाति रंजन, सुमीशा, दीपशिखा, प्रिया, सुषमा, राखी, शिखा, पारुल, कंचन, सनी, खुशी, शैली, दीपाली, गर्वित, ईशान सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
राम कथा के इस आयोजन से नगर में धार्मिक वातावरण बना हुआ है और श्रद्धालु प्रतिदिन बड़ी संख्या में कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे
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