सहसवान (संवाददाता डॉ. राशिद अली खान):
उत्तर भारत के साथ-साथ सहसवान में भी कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने दस्तक दे दी है। तापमान में आई भारी गिरावट के कारण आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। ठिठुरन से बचने के लिए लोग अब जगह-जगह अलाव का सहारा ले रहे हैं।
दुकानों और मकानों के बाहर लोग लकड़ियाँ और कोयला जलाकर खुद को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं। सुबह और शाम के वक्त ठंड का असर इतना अधिक है कि लोग घरों से निकलने में कतरा रहे हैं। बाजारों में भी चहल-पहल कम देखी जा रही है। लोग अपने कामकाज के बीच-बीच में आग के पास बैठकर ठंड से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सार्वजनिक चौराहों पर प्रशासन द्वारा जलाए जाने वाले अलाव पर्याप्त नहीं हैं। अलाव की पर्याप्त व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि राहगीरों और जरूरतमंदों को राहत मिल सके।
स्थानीय निवासी फहीम और कुलदीप वर्मा ने बताया कि इस बार ठंड पिछले वर्ष की तुलना में बहुत अधिक पड़ रही है। बिना आग जलाए काम करना मुश्किल हो गया है। बुजुर्गों और मासूम बच्चों का ठंड में बुरा हाल है।
Budaun Amarprabhat