टीएमयू हॉस्पिटल मुरादाबाद में बर्थ एस्फिक्सिया से पीड़ित नवजात का थेरैप्यूटिक हाइपोथर्मिया से सफल इलाज
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर हॉस्पिटल (टीएमयू), मुरादाबाद ने नवजात चिकित्सा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार जन्म के समय दम घुटने (बर्थ एस्फिक्सिया) से गंभीर रूप से पीड़ित नवजात शिशु का थेरैप्यूटिक हाइपोथर्मिया जैसी अत्याधुनिक तकनीक से सफल उपचार किया गया। इलाज के बाद शिशु पूरी तरह स्वस्थ हो गया है और उसे बिना किसी जटिलता के अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
यह तकनीक अब तक केवल देश के बड़े महानगरों के चुनिंदा सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल सेंटरों में ही उपलब्ध थी। मुरादाबाद में इसका सफल प्रयोग होना न केवल टीएमयू हॉस्पिटल, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात मानी जा रही है। इस सफलता से मुरादाबाद को उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के मानचित्र पर नई पहचान मिली है।
इस जटिल और संवेदनशील उपचार का नेतृत्व नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ. अदिति रावत ने किया। उनकी टीम में पीडियाट्रिक्स विभाग की एचओडी डॉ. रूपा सिंह, प्रो. विवेक त्यागी, डॉ. सुरेन, डॉ. मयंक और डॉ. नव्या की अहम भूमिका रही। डॉक्टरों की टीम ने 24 घंटे सतत निगरानी रखते हुए शिशु को सुरक्षित और प्रभावी उपचार प्रदान किया।
डॉक्टरों के अनुसार, जन्म के तुरंत बाद शिशु को गंभीर हालत में नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती किया गया था। बर्थ एस्फिक्सिया एक अत्यंत गंभीर स्थिति होती है, जिसमें समय पर उपचार न मिलने पर शिशु के मस्तिष्क को स्थायी क्षति पहुंच सकती है।
ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में डॉक्टरों ने थेरैप्यूटिक हाइपोथर्मिया तकनीक का सहारा लिया। इस प्रक्रिया में शिशु के शरीर का तापमान लगभग 72 घंटे तक नियंत्रित रूप से कम रखा गया, जिससे मस्तिष्क की कोशिकाओं को होने वाले नुकसान को रोका जा सके। इसके बाद ग्रैजुअल री-वार्मिंग प्रक्रिया के तहत शिशु को धीरे-धीरे सामान्य तापमान पर लाया गया। पूरी प्रक्रिया अत्याधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञों की निगरानी में संपन्न हुई।
शिशु के माता-पिता ने भावुक होकर डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि वे उम्मीद खो चुके थे, लेकिन डॉक्टरों की मेहनत, अनुभव और आधुनिक चिकित्सा तकनीक ने उनके बच्चे को नया जीवन दिया।
यह सफलता टीएमयू हॉस्पिटल को नवजात चिकित्सा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।
Budaun Amarprabhat