मुरादाबाद। उप्र के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह और तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) के कुलपति प्रो. वीके जैन की उल्लेखनीय मौजूदगी में टीएमयू, मुरादाबाद और संस्कृति विभाग के जैन विद्या शोध संस्थान, लखनऊ के बीच शिक्षण, शोध एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में सहयोग के लिए एमओयू साइन किया गया।
एमओयू पर टीएमयू की ओर से ज्वाइंट रजिस्ट्रार डॉ. वैभव रस्तोगी तथा जैन विद्या शोध संस्थान की ओर से निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर जैन साहित्य के वरिष्ठ विद्वान डॉ. ए.के. जैन भी मौजूद रहे।
टीएमयू में संचालित सेंटर फॉर जैन स्टडीज के अंतर्गत देशभर से युवा शोधार्थी जैन अध्ययन से जुड़े विषयों पर शोध कर रहे हैं। एमओयू का मुख्य उद्देश्य जैन विधाओं का राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में अध्ययन और शोध को बढ़ावा देना है। इसके तहत टीएमयू के शोधार्थी जैन तीर्थ स्थलों की सांस्कृतिक परंपराओं, आधारभूत मान्यताओं, मानवीय मूल्यों, कला अवशेषों के संरक्षण एवं विश्लेषण का अध्ययन कर सकेंगे।
साथ ही भारत एवं विदेशों में प्रचलित जैन विद्या का तुलनात्मक अध्ययन, विषयानुकूल परिचर्चा, संगोष्ठी, व्याख्यान और सम्मेलनों में सहभागिता के अवसर भी मिलेंगे। एमओयू के बाद टीएमयू में संचालित जैन पुस्तकालय जैन धर्म से संबंधित ग्रंथों, पांडुलिपियों, माइक्रोफिल्मों आदि से और अधिक समृद्ध होगा।
इस समझौते के अंतर्गत टीएमयू और जैन विद्या शोध संस्थान के बीच छात्र एवं संकाय विनिमय कार्यक्रमों के साथ-साथ अंतरविषयी अध्ययन को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे जैन अध्ययन के क्षेत्र में शोध को नई दिशा मिलेगी।
Budaun Amarprabhat