बिसौली। रामशरण वैद्य आदर्श इंटर कॉलेज मई-बसई में गुरुवार को विद्यालय के संस्थापक एवं अमर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. रामशरण वैद्य का जन्मदिवस वार्षिकोत्सव के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोकनृत्य और देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रबंधक आचार्य अखिलेश कुमार शर्मा एवं प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. इंद्रदेव त्रिवेदी ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया। इसके पश्चात प्रबंध समिति के सदस्यों ने विद्यालय के संस्थापक पं. रामशरण वैद्य की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। साथ ही विद्यालय व समाज के कल्याणार्थ रामचरितमानस पाठ एवं वैदिक यज्ञ का आयोजन भी किया गया।
वार्षिकोत्सव के दौरान कक्षाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 20 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रबंध समिति के सदस्यों एवं समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा नगद धनराशि देकर पुरस्कृत किया गया। वहीं बुधवार को सम्पन्न हुए तीन दिवसीय स्काउट-गाइड शिविर में प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रबंधक आचार्य अखिलेश कुमार शर्मा ने कहा कि अच्छी शिक्षा और संस्कार ही जीवन को दिशा देते हैं। समाज को शिक्षित एवं संस्कारित बनाने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. इंद्रदेव त्रिवेदी ने शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और सर्वांगीण विकास पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य डॉ. घनश्याम दास ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। वार्षिकोत्सव में छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य, गीत और नाट्य मंचन को उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों ने खूब सराहा। एनसीसी कैडेट्स ने कार्यक्रम के दौरान अनुशासन एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस मौके पर डॉ. प्रवीण शर्मा, सुधांशु शर्मा, मुनीश शर्मा, सर्वेश शर्मा, तरुण शर्मा, गोपाल शर्मा, अनुपम शर्मा, मधु शर्मा, सुधाकर शर्मा, मनोज कुमार, प्रकाशवीर, विषवेश पाठक, विपिन शर्मा, आनंद सिंह, रऊफ अहमद सहित समस्त विद्यालय स्टाफ एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ प्रवक्ता रामाधार शर्मा एवं हरदीप सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
Budaun Amarprabhat