बिसौली। नगर के मदरसा फैजाने रजाए मुस्तफा में मदरसे के प्रिंसिपल मौलाना मो. इफ्तखार अशरफी की सरपरस्ती में अजमत-ए-कुरआन कॉन्फ्रेंस व जलसा-ए-दस्तारबंदी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुरआन हिफ्ज़ मुकम्मल करने वाले तीन छात्रों को पगड़ी बांधकर और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मदरसे से हिफ्ज़ पूरा करने वाले मो. साहिल पुत्र असरार अहमद, मुशर्रफ हुसैन पुत्र रुस्तम खां एवं मो. सुब्हान पुत्र शकील सैफी को प्रिंसिपल मौलाना मो. इफ्तखार अशरफी, मुख्य अतिथि मुफ्ती नाजिम एहसानी (मुरादाबाद), कारी जमशेद आलम अशरफी (मुरादाबाद), मौलाना अकरम रजा नूरी, शायर-ए-इस्लाम कारी जुनैद जामी (झारखंड) समेत अन्य उलेमाओं ने दस्तारबंदी कर सम्मानित किया।
जलसे की शुरुआत कारी अफलाक रजा उबैसी ने तिलावत-ए-कुरआन से की। मुख्य अतिथि मुफ्ती नाजिम एहसानी ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों को दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी तालीम भी दिलाना जरूरी है। इल्म ऐसी दौलत है जो बांटने से बढ़ती है और यह अल्लाह की बड़ी नेमत है।
कारी जमशेद आलम अशरफी ने तालीम को आम करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि हर बच्चे को तालीम और तहजीब के जेवर से सजाया जाना चाहिए। मौलाना अकरम रजा नूरी ने कहा कि आज के दौर में आला तालीम बेहद जरूरी है। जब हमारे बच्चे उच्च शिक्षा हासिल करेंगे, तभी समाज में हमारी पहचान मजबूत होगी।
अंत में उलेमाओं ने मुल्क में अमन, भाईचारा और सौहार्द कायम रहने की दुआ की। जलसे की निजामत मौलाना आदिल रजा ने की।
इस अवसर पर कारी अफलाक रजा उबैसी, कारी शादाब रजा उवैसी, मौलाना बिलाल, हाफिज मजहर खान, हाफिज मुक्तादिर अहमद, हाफिज अली अशरफी, हाफिज नदीम, हाफिज शरीफ जामी, मौलाना मुहीतउद्दीन, मौलाना नईम अहमद, मौलाना मो. उमर, मौलाना अब्दुल कादिर, हाफिज अब्दुल हक, कारी अब्दुल गफ्फार (मुदर्रिस) सहित अन्य लोगों ने भी जलसे को खिताब किया।
जलसे में मुस्तफा कमेटी के सदर इरशाद खां, शफी मो. अफसर, इसहाक सैफी, चांद मंसूरी, अमीर अहमद, शब्बीर हुसैन, मो. आरिफ, मो. मुबीन, अयाज रिजवान आदि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat