उसहैत। एडीओ पंचायत खालिद अली ने गुरुवार अपरान्ह ग्राम पंचायत सरेली पुख्ता का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान विश्वनाथ यादव, पंचायत सहायक अनुवृत आर्या, सचिव मो. उवैस, प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
निरीक्षण के समय सफाईकर्मी ज्ञानेंद्र सिंह अनुपस्थित पाए गए। गांव में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे होने और गंदगी का अंबार देखकर एडीओ पंचायत नाराज हो गए।
मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, पंचायत सहायक और विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि सफाईकर्मी ज्ञानेंद्र सिंह पिछले तीन महीनों से गांव में सफाई कार्य के लिए नहीं आए हैं। उनकी अनुपस्थिति के कारण पूरे गांव में गंदगी फैली हुई है, जिससे बीमारियों और संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सफाईकर्मी अक्सर शराब के नशे में घूमते रहते हैं और सफाई के लिए कहने पर झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं, इसलिए कोई उन्हें कुछ कहने की हिम्मत नहीं करता।
जांच में सफाईकर्मी ज्ञानेंद्र सिंह को लगातार तीन माह से अनुपस्थित रहने, उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने, शराब के नशे में घूमने, अपने पद के दायित्वों का निर्वहन न करने और बिना सूचना गायब रहने का दोषी पाया गया।
एडीओ पंचायत खालिद अली ने बताया कि मामले को गंभीर मानते हुए जांच रिपोर्ट में उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने तथा ‘नो वर्क नो पे’ के आधार पर पिछले माह का वेतन रोकने की संस्तुति की गई है। जांच आख्या आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।
Budaun Amarprabhat