बिल्सी/बदायूं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहों के राजा सूर्य 14 मार्च 2026 की रात 12:41 बजे मीन राशि में प्रवेश करेंगे। आचार्य राजेश कुमार शर्मा के अनुसार मीन राशि के स्वामी गुरु ग्रह हैं, जिन्हें ज्ञान और बुद्धि का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में सूर्य का यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सूर्य जब अपनी मूल त्रिकोण राशि सिंह में होते हैं तो अत्यंत सकारात्मक परिणाम देते हैं, वहीं मंगल की राशि मेष में जाने पर सूर्य उच्च का होकर आत्मविश्वास, ऊर्जा और साहस को बढ़ाते हैं। सूर्य स्वाभाविक रूप से सिंह राशि और पंचम भाव के स्वामी माने जाते हैं। पंचम भाव रचनात्मकता, संतान, बुद्धि और आध्यात्मिक झुकाव से जुड़ा होता है, इसलिए सूर्य की स्थिति का विशेष महत्व होता है।
सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही मीन खरमास की शुरुआत हो जाएगी। यह अवधि 15 मार्च से 13 अप्रैल 2026 तक रहेगी। इस दौरान विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ और नए व्यवसाय शुरू करने जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। साथ ही इस समय संपत्ति या वाहन खरीदना तथा नए घर में प्रवेश करना भी शुभ नहीं माना जाता।
ज्योतिषीय आकलन के अनुसार सूर्य के इस गोचर का प्रभाव बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। तांबा और सोने के दामों में बढ़ोतरी के संकेत हैं, वहीं घी, गुड़, खांड और अनाज के बाजार में अस्थिरता या कीमतों में वृद्धि हो सकती है।
आचार्य के अनुसार इस अवधि में शासकों के निर्णयों में लोककल्याण और परोपकार की भावना अधिक दिखाई दे सकती है, हालांकि निर्णय लेने में कुछ देरी या भ्रम की स्थिति भी बन सकती है।
मीन राशि जल तत्व की राशि है। सूर्य के प्रभाव से समुद्री चक्रवात, भारी वर्षा और जल से जुड़ी प्राकृतिक आपदाओं की संभावना बढ़ सकती है। साथ ही संक्रमण और रक्त से संबंधित रोगों में भी वृद्धि होने के संकेत बताए जा रहे हैं।
Budaun Amarprabhat