Breaking News

आधुनिकीकरण की दौड़ में हाशिए पर कुली, हजारों ने पीएम को लिखा पत्र; आजीविका बचाने की लगाई गुहार

Spread the love

वरिष्ठ संवाददाता अजय सिंह
लखनऊ। देशभर के रेलवे स्टेशनों पर पीढ़ियों से यात्रियों की सेवा करते आ रहे कुलियों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसी चिंता को लेकर राष्ट्रीय कुली मोर्चा के संयोजक राम सुरेश यादव के नेतृत्व में देशभर के विभिन्न रेलवे स्टेशनों से एक व्यापक अभियान चलाया गया, जिसके तहत हजारों कुलियों ने सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भेजकर अपने परिवारों के भविष्य को सुरक्षित करने की गुहार लगाई है।
कुलियों ने अपने पत्र में कहा कि वर्षों से रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का सामान ढोकर उन्होंने अनगिनत यात्राओं को आसान और सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाई है। लेकिन रेलवे में तेजी से हो रहे आधुनिकीकरण, ठेका व्यवस्था और नई तकनीकों के विस्तार के कारण उनकी पारंपरिक रोज़ी-रोटी पर संकट गहराता जा रहा है। इससे हजारों कुली परिवारों के सामने भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।
कुलियों ने प्रधानमंत्री को यह भी अवगत कराया कि रेल मंत्रालय द्वारा 19 जून 2025 को देशभर के कुलियों की वास्तविक स्थिति का सर्वे कराने का आदेश जारी किया गया था। उस समय कुली वर्ग को उम्मीद जगी थी कि वर्ष 2008 की तरह उनके समायोजन और पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, लेकिन अब तक उस सर्वे की प्रगति और उस पर की गई कार्रवाई की कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। इससे कुली परिवारों में गहरी निराशा और चिंता व्याप्त है।
राष्ट्रीय कुली मोर्चा के संयोजक राम सुरेश यादव ने कहा कि कुली वर्ग किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहा, बल्कि केवल सम्मानजनक जीवन और सुरक्षित भविष्य चाहता है। उन्होंने कहा कि आज देशभर के लाखों कुली परिवार अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं और उनकी उम्मीद अब प्रधानमंत्री के न्यायपूर्ण हस्तक्षेप पर टिकी हुई है।
मोर्चा ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि वे इस पूरे प्रकरण में हस्तक्षेप कर 19 जून 2025 के सर्वे आदेश की प्रगति रिपोर्ट सार्वजनिक कराएं, संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करें और देश के कुलियों के पुनर्वास, समायोजन तथा सामाजिक सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाएं। साथ ही वर्ष 2008 के मॉडल की तर्ज पर देशभर के कुलियों को रेलवे में समायोजित कर उनकी आजीविका को स्थायी और सुरक्षित बनाने की भी मांग की गई है।
लखनऊ में आयोजित इस अभियान में जलील अहमद, मनीष कुमार, राम प्रीत, बेकल, गुफरान अहमद, विजयपाल, दुर्गेश, राजकुमार, सुखराम यादव, नौशाद अली, त्रिलोकी नाथ शर्मा, राघवेंद्र प्रताप सिंह, जगराम, कनिकराम यादव, मोहम्मद कासिम, तिलक राम, अहमद हुसैन और खुर्शीद समेत अनेक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
वहीं देशभर के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों से भी कुली प्रतिनिधियों ने अभियान में भागीदारी की। इनमें भोपाल से रामबाबू भिलाला, इटारसी से पूरन महावर, बीना से ललित, कानपुर से त्रिलोकी, हुबली से जाफर खान, वास्कोडिगामा से नदीम, भुसावल से अनिल सावले, कोडरमा से राहुल कुमार यादव, बड़ोदरा से उमेन सिंह चावड़ा, आसनसोल से संजय पासवान, सिकंदराबाद से शेख रहमतुल्ला, देहरादून से राजकपूर, गोरखपुर से काजू और हरिशंकर, हावड़ा से कन्हैया ग्वाला, न्यू जलपाईगुड़ी से चंद्रेश्वर मुखिया, झांसी से कलीम मकरानी, गुवाहाटी से कामेश्वर, राजकोट से बिजलभाई और वाराणसी से अरविंद यादव सहित कई अन्य कुली प्रतिनिधि शामिल रहे।
मोर्चा के प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हस्तक्षेप से देश के मेहनतकश कुलियों की समस्या का समाधान निकलेगा और उन्हें सम्मानजनक जीवन व सुरक्षित भविष्य मिल सकेगा।


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

मटर के छिलकों से गिरता पानी बना हादसों की वजह, फिसलन से कई बाइक सवार घायल

Spread the loveइस्लामनगर (बदायूं)। कस्बे में कच्ची मटर के छिलकों से निकलने वाला पानी सड़क …

error: Content is protected !!