बिसौली। रमजान के पवित्र महीने की 27वीं शब पर नगर की मस्जिद सुनहरी में नमाज-ए-तरावीह के दौरान कुरआन शरीफ मुकम्मल किया गया। इस खास मौके पर अकीदतमंदों की बड़ी संख्या मौजूद रही और इबादत के साथ-साथ महफिल-ए-मिलाद का आयोजन भी किया गया।
तरावीह में हाफिज़ अम्बर रज़ा बरकाती ने कुरआन पाक सुनाया। इस अवसर पर उन्होंने अपने बयान में कहा कि कुरआन मजीद दुनिया की वह मुकद्दस किताब है, जिसकी हिफाजत का जिम्मा खुद अल्लाह ने लिया है और यह आने वाली नस्लों के लिए हिदायत व निजात का जरिया है।
उन्होंने रमजान की फजीलत बयान करते हुए बताया कि इसका पहला अशरा रहमत, दूसरा मगफिरत और तीसरा जहन्नम से आजादी का होता है।
महफिल के दौरान देश में अमन-चैन, भाईचारे और खुशहाली के लिए दुआएं भी की गईं।
इस मौके पर हाजी अरशद, इमरान अली खान, मोहम्मद शीराज आलम, नौशाद हुसैन, साकिब रजा सहित कई अकीदतमंद मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat