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संवाददाता: गोविंद देवल
पटना। बिहार से एक चौंकाने वाला दावा सामने आया है, जिसमें श्मशान घाट से निकलने वाले कोयले और अवशेषों का उपयोग अगरबत्ती बनाने में किए जाने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि यह कथित कारोबार करीब 1000 करोड़ रुपये का है और कई राज्यों तक फैला हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, श्मशान घाटों से कोयला इकट्ठा कर उसे क्रशर मशीनों में पीसा जाता है और फिर उससे अगरबत्ती तैयार की जाती है। इस प्रक्रिया में बदबू को दबाने के लिए केमिकल और सुगंधित पदार्थ मिलाने की भी बात सामने आई है।
इस संबंध में जानकारी देने वाले कथित एजेंट बिट्टू और रामजीवन ने दावा किया कि इस धंधे में बड़े स्तर पर मुनाफा कमाया जा रहा है और तैयार अगरबत्ती को करीब पांच राज्यों में सप्लाई किया जा रहा है।
हालांकि, इस पूरे मामले की अभी तक किसी आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है। यदि यह दावा सही पाया जाता है, तो यह न सिर्फ लोगों की आस्था से जुड़ा गंभीर मुद्दा होगा, बल्कि स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था के लिहाज से भी बड़ा सवाल खड़ा करेगा।
प्रशासनिक स्तर पर इस मामले की जांच की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
Budaun Amarprabhat