संभल। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल की अध्यक्षता में पंचायती राज के प्रमुख बिंदुओं और आगामी श्रावण मास कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मंदिरों, कांवड़ मार्गों और विकास कार्यों की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान ग्राम पंचायतों के ऑनलाइन ऑडिट, राज्य वित्त व 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत कार्यों, ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में 19 बिंदुओं पर प्रगति, विद्यालयवार गैप और ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों की खुदाई को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों, साफ-सफाई और जलभराव जैसी समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए एक मॉनिटरिंग टीम का गठन किया जाए। यह टीम ग्राम सचिवों से संपर्क कर कार्यों की जानकारी लेगी और प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के चलते सड़कों की टूट-फूट, जलभराव, कीचड़ तथा सीएचसी, पीएचसी व विद्यालयों के रास्तों पर आने वाली समस्याओं का समय से स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
डीएम ने ग्राम पंचायतों में 19 बिंदुओं पर कायाकल्प, आंगनबाड़ी केंद्रों, अन्नपूर्णा भवनों और अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा करने के निर्देश दिए। पंचायतों में सबसे कम व्यय करने वाले ग्राम सचिवों से स्पष्टीकरण तलब किया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अलावा, बैठक से अनुपस्थित रहने वाले ग्राम सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। तालाबों की स्थिति की समीक्षा करते हुए मनरेगा और पंचायतों के माध्यम से बने तालाबों के फोटो व वीडियो उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही स्वयं सहायता समूहों के गठन को लेकर भी चर्चा की गई।
श्रावण मास कांवड़ यात्रा को लेकर जनपद के प्रमुख मंदिरों और मार्गों की व्यवस्थाओं की विशेष समीक्षा की गई। डीएम ने मंदिरों के पास पब्लिक एड्रेस सिस्टम, पेयजल व्यवस्था, हैंडपंपों की स्थिति, साफ-सफाई और टेंट आदि की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि हैंडपंपों के पास जलभराव न हो, इसके लिए सोकपिट (Sock Pit) बनाए जाएं और मंदिरों के आसपास प्रकाश (लाइट) की समुचित व्यवस्था की जाए। मुख्य मार्गों और संपर्क मार्गों के किनारे झाड़ियों की कटाई व साफ-सफाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और ग्राम सचिवों को निर्देशित किया कि वे स्वयं प्रमुख मंदिरों का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लें।
Budaun Amarprabhat