बदायूँ: 22 जून। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 समदर्शी सरोज ने बताया कि जनपद में बकरी पालन को प्रोत्साहित करने एवं ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से बकरी पालन योजनाओं के अन्तर्गत लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया प्रारम्भ की गई है। अनुसूचित जाति बकरी पालन योजना (राज्य योजना) अनुदान सं. 83 के अन्तर्गत 14 इकाइयों तथा बकरी पालन योजना (राज्य योजना) अनुदान सं. 15 के अन्तर्गत 10 इकाइयों का चयन किया जाना है। प्रत्येक इकाई में 05 मादा एवं 01 नर बकरी प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इच्छुक महिला एवं पुरुष बकरी पालकों का चयन ग्रामीण स्तर पर ग्राम प्रधान, पशुचिकित्साधिकारी तथा उपमुख्य पशुचिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में किया जाएगा। चयन प्रक्रिया में भूमिहीन महिला/पुरुष, विधवा एवं निराश्रित महिलाओं तथा कोविड प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति बकरी पालन योजना में अनुसूचित जाति के भूमिहीन महिला/पुरुषों, विधवा, निराश्रित महिला एवं कोविड प्रभावित परिवारों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त उपलब्धता के अनुसार अनुसूचित जाति/जनजाति के महिला-पुरुषों तथा दिव्यांगजनों को भी चयन प्रक्रिया में सम्मिलित किया जाएगा। महिलाओं को स्वावलम्बी बनाने के उद्देश्य से उन्हें वरीयता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 20 प्रतिशत अतिरिक्त लाभार्थियों का चयन प्रतीक्षा सूची हेतु किया जाएगा। जिला स्तर पर उपमुख्य पशुचिकित्साधिकारी एवं पशुचिकित्साधिकारियों से प्राप्त सूची के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति बकरी पालन योजना के चयनित लाभार्थियों को 10 प्रतिशत अंशदान के रूप में 6,000 रुपये तथा सामान्य बकरी पालन योजना के चयनित लाभार्थियों को 4,500 रुपये जमा करने होंगे। निर्धारित धनराशि जमा करने का प्रमाण प्राप्त होने के उपरान्त ही लाभार्थी का अंतिम चयन किया जाएगा। साथ ही चयनित लाभार्थियों से 10 रुपये के स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र लिया जाएगा, जिसमें बकरी इकाई को न्यूनतम तीन वर्ष तक संचालित करने का आश्वासन देना होगा। इच्छुक पात्र अभ्यर्थी अधिक जानकारी के लिए अपने निकटतम पशुचिकित्सालय अथवा उपमुख्य पशुचिकित्साधिकारी कार्यालय से सम्पर्क कर सकते हैं।
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Budaun Amarprabhat