संवाददाता गोविन्द देवल
बदायूं। बीएसएनएल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भारतनेट परियोजना और नई फाइबर ब्रॉडबैंड योजनाओं के माध्यम से गांवों तक तेज और विश्वसनीय इंटरनेट सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। यह जानकारी बीएसएनएल दूरसंचार बदायूं के सहायक महाप्रबंधक मयंक रस्तोगी ने मीडिया से वार्ता के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए बीएसएनएल ने 259 रुपये प्रतिमाह का नया रूरल एंट्री फाइबर प्लान शुरू किया है। इस योजना में 25 एमबीपीएस तक इंटरनेट स्पीड, अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग और प्रसार भारती के वेव्स ओटीटी प्लेटफॉर्म की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा विभिन्न जरूरतों के अनुरूप अन्य फाइबर ब्रॉडबैंड योजनाएं भी संचालित हैं।
मयंक रस्तोगी ने बताया कि भारतनेट परियोजना के तहत जनपद की सभी ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। नेटवर्क को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए ग्राम पंचायतों को रिंग नेटवर्क प्रणाली से भी जोड़ा जा रहा है, जिससे फाइबर कट होने की स्थिति में भी इंटरनेट सेवाएं प्रभावित न हों।
उन्होंने कहा कि बीएसएनएल का उद्देश्य केवल इंटरनेट उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए “हर घर फाइबर, हर गांव डिजिटल” अभियान को गति दी जा रही है।
इस दौरान भारतनेट उद्यमी (बीएनयू) योजना की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि स्थानीय युवा, उद्यमी, केबल ऑपरेटर और इच्छुक व्यक्ति बीएसएनएल से जुड़कर अपने क्षेत्र में एफटीटीएच सेवाएं उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि सीमित निवेश के साथ इस योजना की शुरुआत की जा सकती है और ग्राहक संख्या बढ़ने पर अच्छी आय अर्जित करने की संभावना भी है।
उन्होंने युवाओं, स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय व्यवसायियों और इच्छुक नागरिकों से भारतनेट उद्यमी योजना का लाभ उठाने तथा डिजिटल भारत के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।
Budaun Amarprabhat