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खेलकूद एवं रचनात्मक क्रिया ही शिशु के विकास में सहायक : मंजू अग्रवाल

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सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल मार्ग, बरेली में मातृ सम्मेलन संपन्न

शिशु घर का दीपक जग का दिवाकर है :सुभाषिनी जायसवाल

मां बच्चे की प्रथम पाठशाला : पूजा बॉस

फास्ट फूड से बचाना परिवार का पहला दायित्व: संजीव पाण्डेय

बालक के निर्माण में मां की भूमिका सर्वोपरि: सुनील सिंह पुंडीर

बरेली स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल मार्ग, बरेली में शिशुओं के सर्वांगीण विकास के लिए मातृ सम्मेलन का आयोजन अत्यंत उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती पूजा बॉस (सदस्या बाल कल्याण समिति बरेली) कार्यक्रम अध्यक्षा श्रीमती सुभाषिनी जायसवाल (प्रदेशमंत्री, भारतीय जनता पार्टी) एवं मुख्य वक्ता श्रीमती मंजू अग्रवाल ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ किया गया। विद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर उपस्थित मातृशक्ति का अभिनंदन किया। वरिष्ठ आचार्या श्रीमती अलका नवीन एवं श्रीमती प्रियंका ने अंगबस्त्र पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया।
सम्मेलन में विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार पाण्डेय ने मातृशक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि बालक के व्यक्तित्व निर्माण में माता की भूमिका सर्वोपरि होती है। संस्कारयुक्त एवं चरित्रवान समाज के निर्माण के लिए परिवार और विद्यालय का समन्वित प्रयास आवश्यक है। उन्होंने माताओं से बच्चों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, नियमित अध्ययन, समयबद्ध दिनचर्या तथा भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया। साथ ही आए हुए सुझावों का स्वागत किया और शिकायतों के निवारण के लिए आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता श्रीमती मंजू अग्रवाल पूर्व प्रदेश प्रभारी शिशु वाटिका ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों में अच्छे संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में माता का योगदान सबसे महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने माताओं से बच्चों को मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से दूर रखते हुए पुस्तक पठन, योग, खेलकूद तथा रचनात्मक गतिविधियों के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि श्रीमती पूजा बॉस ने अपने संबोधन में कहा मां बच्चे की प्रथम पाठशाला है घर का जो वातावरण शिशु देखता है उसी का अनुकरण करता है। कार्यक्रम अध्यक्षा श्रीमती सुभाषिनी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा शिशु घर का दीपक एवं जग का दिवाकर है इसलिए प्रारंभिक संस्कार उसके जीवन में उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
इस अवसर पर विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रेरक गीत एवं लघु नाटिका प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। मातृशक्ति ने भी उत्साहपूर्वक विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया। सम्मेलन के दौरान विद्यालय एवं अभिभावकों के मध्य बच्चों की शैक्षिक प्रगति, व्यवहार, स्वास्थ्य एवं संस्कार संबंधी विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। कार्यक्रम का संचालन शिशु वाटिका प्रभारी श्रीमती नीलम मिश्रा ने किया। उक्त जानकारी शिशु शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश के जिला मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने दी।
कार्यक्रम के अंत में रामकिशोर श्रीवास्तव ने सभी आगुंतक मातृशक्ति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं संस्कार निर्माण के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगा। शांति पाठ के साथ मातृ सम्मेलन का समापन हुआ। इस अवसर पर शिशु शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश के बरेली जिला समन्वयक सुनील कुमार सिंह पुंडीर बाल कल्याण समिति के मंत्री विद्यालय व्यवस्थापक दिनेश मलिक सहित पूरा विद्यालय आचार्य परिवार उपस्थित रहा।


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