बदायूँ। उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत बदायूँ पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद पॉक्सो न्यायालय ने दुष्कर्म के एक मामले में दोषी अभियुक्त को 20 वर्ष के कठोर कारावास तथा 1 लाख 70 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पुलिस के अनुसार, थाना कुवँरगाँव में वर्ष 2025 में दर्ज मुकदमे में आकाश पुत्र ब्रह्मपाल, निवासी ग्राम कुपरी, थाना अलापुर के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 87, 65(1) तथा पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक वीर सिंह ने पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
मामले को ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के अंतर्गत चिन्हित कर पुलिस की मॉनिटरिंग सेल, पैरोकार विपिन कुमार तथा अभियोजन पक्ष ने प्रभावी पैरवी की। लोक अभियोजक वीरेन्द्र सिंह वर्मा द्वारा न्यायालय में पक्ष रखे जाने के बाद 16 जुलाई 2026 को पॉक्सो कोर्ट ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
न्यायालय ने विभिन्न धाराओं में सजा और अर्थदंड निर्धारित किया, जिसमें अधिकतम 20 वर्ष का कठोर कारावास तथा कुल 1 लाख 70 हजार रुपये का अर्थदंड शामिल है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की जाएगी। जुर्माना जमा न करने की स्थिति में अभियुक्त को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
बदायूँ पुलिस ने मामले की विवेचना एवं प्रभावी पैरवी में योगदान देने वाले उपनिरीक्षक वीर सिंह, पैरोकार विपिन कुमार तथा लोक अभियोजक वीरेन्द्र सिंह वर्मा के कार्य की सराहना की है।
Budaun Amarprabhat