बदायूँ। जनपद में बच्चों को जानलेवा डायरिया से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में सदर विधायक महेश चन्द्र गुप्ता और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास शर्मा ने संयुक्त रूप से ‘डायरिया रोको अभियान’ (स्टॉप डायरिया कैम्पेन) का भव्य शुभारंभ किया। यह विशेष अभियान आगामी 25 अगस्त तक जनपद भर में संचालित होगा।
शुभारंभ अवसर पर सदर विधायक महेश चन्द्र गुप्ता ने शून्य से पाँच वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा पर विशेष बल दिया। उन्होंने बच्चों को ओआरएस पैकेट और जिंक की गोलियां वितरित करते हुए अभिभावकों को इसके सही उपयोग की जानकारी दी। विधायक ने स्पष्ट किया कि यदि बच्चा दिन में तीन या उससे अधिक बार दस्त (लूज मोशन) करता है, तो यह डायरिया का लक्षण हो सकता है। ऐसे में घबराने के बजाय तत्काल ओआरएस का घोल देना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि अभियान के तहत ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति की बैठकों के माध्यम से जन-जन तक डायरिया से बचाव के संदेश पहुँचाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि डायरिया से बचाव के लिए दस्त के दौरान बच्चों को निरंतर तरल पदार्थ देते रहें और उम्र के अनुसार 14 दिनों तक जिंक की गोली का कोर्स पूरा कराएं। साथ ही, भोजन बनाने, परोसने और खिलाने से पहले तथा बच्चों का मल साफ करने के बाद हाथों को साबुन से धोना अनिवार्य है।
स्वास्थ्य विभाग, पीएसआई इंडिया और केनव्यू के सहयोग से ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस व जिंक कॉर्नर स्थापित किए गए हैं। सीएमओ ने बताया कि आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर बच्चों को ओआरएस और जिंक का वितरण करेंगी। इस पूरी प्रक्रिया की दैनिक प्रगति और लाभार्थियों का विवरण स्वास्थ्य विभाग के ‘ई-कवच पोर्टल’ पर दर्ज किया जाएगा, ताकि अभियान की गुणवत्ता और प्रभावशीलता की मॉनिटरिंग हो सके।
कार्यक्रम के दौरान डिप्टी सीएमओ डॉ. राजवीर गंगवार, डॉ. मो. तहसीन, डॉ. अमित रस्तोगी, डॉ. कौशल गुप्ता, डॉ. नवनीत कुमार, डॉ. आर. के. वर्मा, डॉ. श्री मोहन झा, डॉ. असलम, सुधा सोलंकी, उमेश राठौर, जितेंद्र शर्मा, अनिल मिश्रा, अरविंद राणा, अरविंद वर्मा सहित पीएसआई इंडिया से शशांक दुबे और दानिश आदि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat