बदायूँ। आवास विकास स्थित राजकीय महाविद्यालय में जारी ‘वृक्षारोपण महायज्ञ’ के पाँचवें दिन का कार्यक्रम पूरी तरह से आध्यात्मिक और वैज्ञानिक समन्वय का प्रतीक रहा। वनस्पति विज्ञान विभाग और पर्यावरण संरक्षण क्लब के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष सत्र में ‘नवग्रह’ से संबंधित पूज्यनीय पौधों का रोपण कर पर्यावरण के साथ ही सकारात्मक ऊर्जा के संचार का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की सूत्रधार और वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. सरिता यादव ने बताया कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों का विशेष महत्व है। नवग्रहों से संबंधित पौधों जैसे श्वेतार्क, शमी, बेल, खैर, पीपल आदि का रोपण न केवल पर्यावरण को शुद्ध बनाता है, बल्कि शैक्षिक परिसर में शांति और सकारात्मकता का वातावरण भी निर्मित करता है। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं को इन वृक्षों के वैज्ञानिक लाभों और पारंपरिक उपयोगों से विस्तार से अवगत कराया।
महायज्ञ के इस चरण में विद्यार्थियों ने पूरी ऊर्जा के साथ सहभागिता की। वंश मिश्रा ने श्वेतार्क, निशांत साहू ने शमी, अरंड व नीम, विशाल कश्यप ने कटहल, शिवम रॉय ने पीपल, पुष्पेंद्र यादव ने बेल, भुवनेश कुमार ने खैर तथा कृष्णा शर्मा व करिश्मा ने अशोक के पौधों को रोपा और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही, रोवर्स-रेंजर्स के सदस्यों ने पौधों की नियमित सिंचाई और देखभाल का दृढ़ वचन दिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के शिक्षकों की सक्रिय भूमिका रही। इस अवसर पर उपप्राचार्य डॉ. अनिल कुमार, डॉ. सतीश सिंह यादव, डॉ. राजधन, डॉ. संजीव राठौर, डॉ. संजय कुमार, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. जुनेद आलम, डॉ. सारिका शर्मा, डॉ. ज्योति विश्नोई और डॉ. राशेदा खातून विशेष रूप से उपस्थित रहे।
डॉ. सरिता यादव ने बताया कि यह आयोजन केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि रोपे गए पौधों का वैज्ञानिक रिकॉर्ड रखा जाएगा और आने वाले वर्षों में उनकी वृद्धि की नियमित निगरानी की जाएगी। दिव्यांशी सागर, सुहानी, प्रियांशी, नीतु कुमारी, जहान बी, शुभांशी सिंह, निति और काम्या सिंह सहित सभी रोवर्स-रेंजर्स ने भविष्य में पौधों के रख-रखाव के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
Budaun Amarprabhat