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यूपी में 95 प्रतिशत वोटिंग का मूलमंत्र दे गए सीईसीआई ज्ञानेश कुमार

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तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार का सारगर्भित संवाद बीएलओ को नई ऊर्जा, जुनून, आत्मविश्वास से कर गया लबरेज, ऑडिटोरियम में करीब दो घंटे के उदबोधन में सीईसी बोले, देश में कुल 95 करोड़ मतदाताओं में 60 करोड़ का एसआईआर मुकम्मल, जबकि 35 करोड़ वोटर्स का एसआईआर होना शेष

मुरादाबाद। जनतंत्र के आधार स्तम्भ बीएलओ के संग भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त- सीईसी ज्ञानेश कुमार का सारगर्भित संवाद बूथ लेवल अफसरों को नई ऊर्जा, जुनून, आत्मविश्वास से लबरेज कर गया। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के ऑडिटोरियम में करीब दो घंटे के उदबोधन में सीईसी बोले, देश में कुल 95 करोड़ मतदाता हैं, 60 करोड़ का एसआईआर मुकम्मल हो चुका है, जबकि 35 करोड़ वोटर्स का एसआईआर होना शेष है। बीएलओ को चुनाव आयोग का शेर बताते हुए बोले, इन्हीं के बूते यूपी में आने वाले विधानसभा चुनाव में हमें 95 प्रतिशत से अधिक वोटिंग का लक्ष्य प्राप्त करना है, क्योंकि पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 93.7 प्रतिशत मतदान हो चुका है। अब रिकॉर्ड तोड़ने की बारी यूपी की है। थ्री लेयर कॉनकरेंट ऑडिट चुनाव आयोग की पारदर्शिता की अहम कड़ी है, इसीलिए वोटर आईडी सर्वाधिक विश्वसनीय दस्तावेज है। दुनिया हमारे चुनाव आयोग की पारदर्शिता का लोहा मानती है। दुनिया के लोकतांत्रिक देशों में चुनाव की दो ही प्रक्रिया- वैकल्पिक और अनिवार्य हैं। भारत के संविधान में वैकल्पिक चुनाव का प्रावधान है। बावजूद इसके दुनिया के लोकतांत्रिक देशों की तुलना में हमारे यहां वोटिंग प्रतिशत अधिक है। सीईसी बोले, भारत की चुनाव प्रक्रिया पर हम सबको नाज़ है, इसीलिए दुनिया भी यूनिक चुनाव प्रक्रिया मानती है। बीएलओ की पीठ बार-बार थपथपाते हुए सीईसी ने कहा, नेरेटिव्स से कतई ड़रना नहीं, है, बल्कि लड़ना है। संवाद कार्यक्रम में सीईसी अभिभावक की भूमिका में नज़र आए। सवाल-जवाब के दौर में उन्होंने बड़ी संजीदगी से जवाब दिए। मतदाता सूची एक अहम दस्तावेज है, इसे कभी भी नष्ट नहीं किया जा सकता है। सीईसी ने विस्तृत संवाद में महाभारत से लेकर फुटबाल टीम और द सिक्रेट बुक को भी कोट किया। सीईसी ज्ञानेश कुमार तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के ऑडी में बीएलओ एंड सुपरवाइजर्स के संग संवाद में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस मौके पर राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त नवदीप रिनवा, मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह, डीआईजी मुनि राज, डीएम डॉ. राजेन्द्र पेंसिया, एसएसपी श्री सतपाल अंतिल, नगर आयुक्त श्री दिव्यांशु पटेल आदि की भी गरिमामयी मौजूदगी रही। उल्लेखनीय है, टीएमयू कैंपस पहुंचने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को यूपी पुलिस की ओर से गॉर्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। कुलाधिपति सुरेश जैन, जीवीसी मनीष जैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अक्षत जैन ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के ऑडी में प्रवेश लेने से पहले शिष्टाचार मुलाकात की। सीईसी का माल्यापर्ण और पटका पहनाकर स्वागत भी किया। समापन राष्ट्रगान के संग हुआ। संचालन डॉ. माधव शर्मा ने किया।


उपहारों में मुरादाबाद के अशोक स्तम्भ, अमरोहा की ढ़ोलक, रामपुर के वायलिन की खुशबू
ख़ास अतिथियों- भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त नवदीप रिनवा को वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट-ओडीओपी के तहत मुरादाबाद के पीतल का अशोक स्तम्भ, अमरोहा की ढ़ोलक, रामपुर का वायलिन और मेरठ के कास्ट आइटम बतौर उपहार भेंट किए गए। सीईसीआई ने डीएम डॉ. राजेन्द्र पेंसिया की ओर मुखातिब होते हुए कहा, इस बार इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में हम मेहमानों को मुरादाबाद का ओडीओपी प्रोडक्ट भेंट करना चाहते हैं। मंचासीन राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त श्री नवदीप रिनवा की ओर इशारा करते हुए बोले, आप लोग मिलकर तय कर लीजिएगा। उल्लेखनीय है, सीईसी ज्ञानेश कुमार इंटरनेशनल आईडीईए की अध्यक्षता की भूमिका का निर्वाह कर रहे हैं।


अमेरिका भी एसआईआर को चोला पहनाने की चाह में
सीईसी ज्ञानेश कुमार ऑडी में यह अति महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा करने से नहीं चूके, अमेरिका सरीखा देश भी अपने यहां एसआईआर कानून की मानिंद सेव अमेरिका बनाना चाहता है। अमेरिका के हुक्मरान इस कानून के तहत केवल अमेरिका में जन्मे लोगों को ही वोट देने का अधिकार देना चाहते हैं। इस संबंध में अमेरिका प्रशासन की एक आला अधिकारी उनसे मिली थी और उन्होंने गहनता से एसआईआर के तौर-तरीकों को समझा था। अमेरिकी प्रशासन ने इसके क्रियान्वयन को कदम भी बढ़ा दिए थे, लेकिन सीनेट ने इसे अभी मंजूरी नहीं दी है।

एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मैपिंग का स्टेप अति महत्वपूर्ण
सीईसी ने बीएलओ के संग अपनी गुफ्तगू में यह माना, मैपिंग का स्टेप अति महत्वपूर्ण है। टीएमयू संवाद में वोट बनाने से लेकर, वोटिंग और गणना के स्टेप्स विस्तार से बताए। उन्होंने कहा, एसआईआर के तहत- एएसडीडीएफ की मैपिंग मील के पत्थर की मानिंद है। उन्होंने फार्म 17 सी पार्ट वन, 17 सी पार्ट टू से लेकर आधार एक्ट सेक्शन 09 और सेक्शन 13, भारतीय नागरिकता कानून- 1955 के सेक्शन 03, 1 जुलाई 1987, 02 जुलाई 1987- 2004, 02 दिसंबर 2004 की सिलसिलेवार व्याख्या करते हुए महत्व बताया।

दुनिया में अनिवार्य मतदान के प्रावधान वाले देशों की तुलना में भारत की वोटिंग अधिक
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने दुनिया के दीगर लोकतांत्रिक देशों से भारत की वोटिंग के तुलनात्मक आंकड़ें भी पेश किए। बिहार में एसआईआर के बाद 67.25 प्रतिशत मतदान हुआ। यह आजादी के बाद बिहार सर्वाधिक वोटिंग प्रतिशत है। मैक्सिको में वोट डालना अनिवार्य है, लेकिन वहां 61 प्रतिशत वोट ही पड़े। केरल में 79.5 प्रतिशत वोट पड़े, जबकि पेरू में 73 प्रतिशत ही मतदान हुआ। वहां 15 दिन से काउंटिंग ही जारी है। मतदान अनिवार्य कानून वाले देश पेरू में वोट न डालने पर करीब 08 हजार का जुर्माना पड़ता है। तमिलनाडू में 86 प्रतिशत वोट पड़े, जबकि थाईलैंड में 75 प्रतिशत। असम में 86.66 प्रतिशत वोटिंग हुई, जबकि अर्जेंटीना में 76 प्रतिशत वोट पड़े। बोले, यदि फुटबॉल के बड़े खिलाड़ी मैसी भी वोट नहीं डालेंगे तो उन्हें जुर्माना देना पड़ेगा। पुडुचेरी में 91.19 प्रतिशत वोट पड़े तो ब्राजील में 79 प्रतिशत वोटिंग हुई। पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 93.7 प्रतिशत मतदान हुआ। यह दुनिया का अब तक का वोटिंग आकड़ा माना जाता है। ऑस्ट्रेलिया में 91 प्रतिशत ही मतदान हुआ।

ईवीएम मशीन भरोसेमंद, सुप्रीम कोर्ट से अब तक जीत चुकी है 46 केस
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने भरोसा जताया, ईवीएम मशीनें विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी हैं। अब तक सुप्रीम कोर्ट में यह मशीन 46 मुकदमें जीत चुकी है। इसे न तो किसी इंटरनेट, वाईफाई, वायर आदि से कनेक्ट करके छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। केरल कैडर के आईएएस सीईसी श्री ज्ञानेश कुमार बोले, ईवीएम का 1996 में सबसे पहले केरल में इसका उपयोग हुआ था।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी को सौंपा एक अहम जिम्मा
युवाओं में वोटिंग के प्रति रूझान बढ़ाने के सवाल पर बोले, मैं यह काम तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी को सौंपना चाहता हूं। यूनिवर्सिटी अपने यहां इलेक्ट्रोरल लिट्रेसी क्लब का गठन करे, जिस पर ऑडी में मौजूद डीन स्टुडेंट्स वेलफेयर प्रो. एमपी सिंह बोले, यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रोरल लिट्रेसी क्लब गठित है। उन्होंने इस क्लब को इनरिच करने की सलाह दी। साथ ही बोले, डिपार्टमेंट वाइज स्टुडेंट्स को क्लब के प्रति और संजीदा किया जाए। मीटिंग हों। ईआरओ से लेकर बीएलओ तक समय-समय पर इन्हें प्रशिक्षित करेंगे, ताकि ये दीगर स्टुडेंट्स को वोटिंग के प्रति अवेयर कर सकें।


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