सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की उड़ रही धज्जियां
बदायूं। प्रदेश शासन और सर्वोच्च न्यायालय के कड़े निर्देश हैं कि शहर के मुख्य मार्गों तथा चिकित्सा संस्थानों के आसपास यातायात व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रखी जाए, ताकि आम जनता और मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। लेकिन, जिला मुख्यालय के सबसे व्यस्ततम रोडवेज चौराहे और जिला अस्पताल मार्ग का हाल देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यहां कानून और शासन के आदेशों का कोई असर नहीं है। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की अनदेखी के चलते यहाँ आम जनता और मरीजों का निकलना दूभर हो गया है।
बदायूं शहर का रोडवेज चौराहा और इसके आसपास का क्षेत्र इन दिनों अराजकता का शिकार बना हुआ है। यह वह संवेदनशील मार्ग है, जिस पर जनपद के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थान स्थित हैं। इस सड़क पर प्रतिदिन हजारों मरीजों का आना-जाना लगा रहता है।
गांधी नेत्र चिकित्सालय जहाँ मोतियाबिंद और आंखों के गंभीर इलाज के लिए दूर-दूर से मरीज पहुंचते हैं। जिला महिला चिकित्सालय जहाँ गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की आपातकालीन आवाजाही रहती है। जिला चिकित्सालय जहाँ हड्डी और अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित मरीज इलाज के लिए आते हैं।
इन अत्यंत आवश्यक चिकित्सा संस्थानों के होने के बावजूद इस मार्ग पर रोडवेज की बसों और प्राइवेट बस संचालकों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। स्थिति यह है कि फुटपाथों पर प्राइवेट वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े रहते हैं, जबकि बीच सड़क पर रोडवेज की बसों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे पूरा रास्ता अवरुद्ध हो जाता है।
सबसे विडंबनापूर्ण स्थिति यह है कि इस भयंकर अराजकता और जाम के बीच चौराहे पर तैनात यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस, जिन्हें प्रदेश शासन द्वारा जनता की सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए लाखों रुपये का वेतन दिया जाता है, वे पूरी तरह मूकदर्शक बने रहते हैं। कई बार तो स्थिति यह होती है कि पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी भूलकर अपने मोबाइल फोन पर व्यस्त नजर आते हैं, और जनता जाम के इस जंजाल में पिसती रहती है।
केवल रोडवेज चौराहा ही नहीं, बल्कि श्री कृष्णा इंटर कॉलेज से लेकर इंदिरा चौक के बीच के मुख्य मार्ग का भी यही हाल है। इस पूरे रास्ते पर अधिकांश समय भीषण जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों ने जिला प्रशासन और पुलिस के उच्च अधिकारियों से पुरजोर मांग की है कि इस गंभीर समस्या की ओर तत्काल ध्यान दिया जाए, अवैध कब्जों को हटवाया जाए और आवागमन को पूरी तरह सुचारू बनाया जाए, ताकि जनता को इस नर्क जैसी स्थिति से मुक्ति मिल सके।
Budaun Amarprabhat