कुंवरगांव। कस्बा कुंवरगांव में बिजली विभाग की एक बड़ी लापरवाही और उदासीनता का मामला सामने आया है, जहां रामलीला मैदान के पास स्थित 400 केवीए विद्युत ट्रांसफार्मर के केबिन में करंट की चपेट में आने से एक गौवंश की दर्दनाक मौत हो गई। हैरान करने वाली बात यह है कि हादसे के बाद मृत गौवंश का शव करीब दो दिनों तक उसी ट्रांसफार्मर के केबिन के अंदर ही पड़ा रहा, लेकिन विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी सुधि लेने मौके पर नहीं पहुंचा।
स्थानीय ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि दो दिनों तक शव के खुले में पड़े रहने के कारण आवारा कुत्ते उसे नोचते रहे, जिससे क्षेत्रीय लोगों और पशु प्रेमियों में भारी नाराजगी फैल गई। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने घटना की जानकारी संबंधित विभाग को देने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने न तो मौके पर पहुंचकर शव को हटवाया और न ही ट्रांसफार्मर की सुरक्षा के कोई इंतजाम किए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आखिरकार गुरुवार को नगर पंचायत कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची और ट्रॉली की मदद से मृत गौवंश को वहां से उठाकर दूरस्थ स्थान पर ले जाकर उसका निस्तारण कराया, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
नगरवासियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे में खुले और असुरक्षित ट्रांसफार्मरों के कारण पहले भी कई मूक पशु करंट की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद बिजली विभाग कुंभकर्णी नींद सोया हुआ है और ट्रांसफार्मरों के चारों ओर बैरिकेडिंग या सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं।
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि कस्बे के सभी असुरक्षित ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा व्यवस्था तत्काल दुरुस्त कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अमानवीय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
Budaun Amarprabhat