बिल्सी। महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बिल्सी में सोमवार, 14 सितंबर 2026 को हिंदी दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं एवं महाविद्यालय के शिक्षकों ने हिंदी भाषा के महत्व, उसकी उपयोगिता तथा वर्तमान समय में हिंदी के बढ़ते प्रभाव पर अपने विचार व्यक्त किए । कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, साहित्य और सामाजिक चेतना से जुड़ी समृद्ध भाषा है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के साथ-साथ अन्य भारतीय भाषाओं के प्रति भी सम्मान की भावना रखने का आह्वान किया ।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा भाषण, कविता पाठ, निबंध लेखन एवं हिंदी भाषा से संबंधित विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया गया। वक्ताओं ने हिंदी के ऐतिहासिक एवं संवैधानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को देवनागरी लिपि में संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसी ऐतिहासिक निर्णय की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है ।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में हिंदी का प्रयोग शिक्षा, पत्रकारिता, साहित्य, सोशल मीडिया और तकनीकी क्षेत्र में निरंतर बढ़ रहा है। विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति गौरव की भावना रखते हुए इसके प्रचार-प्रसार में अपना योगदान देना चाहिए । कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने हिंदी भाषा के सम्मान, संवर्धन एवं अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प लिया । इस अवसर पर शाहबुद्दीन अली खान, श्री अब्दुल रहीस अहमद, सुभाष बाबू, सूरज पाल, प्रदीप कुमार एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat