महिलाओं ने मंगलगीत गाकर किया विघ्नहर्ता का गुणगान
उझानी : श्री गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर मेरे राम आश्रम में भगवान श्री गणेश की विधिविधान से स्थापना कर पूजा-अर्चना और आरती की गई। श्रद्धालुओं ने विघ्नहर्ता गणपति से सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की। मोदक, मेवा-मिष्ठान का भोग लगाया।महिलाओं ने मंगलगीत गाए।
सामाजिक संत श्रीराम कथा वाचक रवि जी समदर्शी महाराज ने कहा कि भगवान श्री गणेश बुद्धि, विवेक, शुभता और मंगल के प्रतीक हैं। गणेश चतुर्थी का पर्व हमें अपने जीवन से अहंकार और नकारात्मकता दूर कर सद्बुद्धि, संयम और सदाचार को अपनाने की प्रेरणा देता है।
यज्ञाचार्य गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि श्री गणेश चतुर्थी का पावन पर्व जीवन में विवेक, अनुशासन और श्रेष्ठ चिंतन को अपनाने का संकल्प भी है। प्रथम पूज्य गणपति की आराधना के साथ हमें अपने आचरण, विचार और कर्मों को भी श्रेष्ठ बनाना चाहिए। श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया के जयकारे लगाए और आरती की। श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।इस मौके पर धर्मपाल राजपूत, राष्ट्रवीर शर्मा, अंकित माथुर, गुल्लू गुप्ता, अमन शर्मा, रुद्र शाहू, गुड्डों देवी गुप्ता, आर्यन, आरव गुप्ता, राखी, सिया आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat