बदायूं। शिक्षा और समाज निर्माण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों के सम्मान में ‘हॉपयूनिटी हेल्पिंग वेलफेयर फाउंडेशन’ द्वारा शनिवार को राजमहल गार्डन, बदायूं में ‘टीचर एक्सीलेंस अवॉर्ड–2026’ का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के अलावा दिल्ली और प्रयागराज सहित कई क्षेत्रों से पहुंचे करीब 50 शिक्षकों, प्रोफेसरों और शिक्षाविदों को उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी भीम सेन सागर ने की, जबकि मुख्य अतिथि हिन्दू कॉलेज मुरादाबाद के समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. रमाकांत ठाकुर रहे। विशिष्ट अतिथियों में एमजेपीआरयू बरेली के शिक्षा संकाय के डीन डॉ. मनवीर सिंह, रीच फाउंडेशन दिल्ली के संस्थापक संजय सागर, डॉ. अशोक रुस्तगी, डॉ. श्रद्धा गुप्ता, डॉ. मुख्तियार सिंह और केवीएस शेखूपुर के प्रधानाचार्य नरेश सहलोत सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर हुआ। वक्ताओं ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के चरित्र, संस्कार और सोच को गढ़ने वाले सच्चे राष्ट्र निर्माता हैं।
फाउंडेशन के निदेशक डॉ. कृष्ण सिंह ने अतिथियों व शिक्षकों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षकों का योगदान कक्षा की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह पीढ़ियों का निर्माण करते हैं। समाज में उनके सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
संस्था के सचिव राधेश्याम द्वारा अतिथियों और शिक्षकों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में बीआईएमटी कॉलेज के संस्थापक अक्षज रस्तोगी, संस्था सदस्य वसुंधरा, स्वीटी महेश्वरी, आकाश शर्मा, राजकुमार गौतम और समस्त स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा। अंत में डॉ. कृष्ण सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।
Budaun Amarprabhat