बरेली। सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल मार्ग, बरेली में गुरुवार को भगवान विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य, संजीव कुमारपाण्डेय, अभिभावक विभु सक्सेना द्वारा भगवान विश्वकर्मा के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार पाण्डेय ने भगवान विश्वकर्मा के जीवन एवं महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के प्रथम शिल्पकार, वास्तुकार एवं निर्माण-कला का जनक माना जाता है। उन्होंने अपने ज्ञान, कौशल और सृजनात्मक क्षमता से देवताओं के लिए अनेक दिव्य भवनों, अस्त्र-शस्त्रों एवं नगरों का निर्माण किया। भगवान विश्वकर्मा की उपासना हमें परिश्रम, कौशल, अनुशासन और रचनात्मकता का संदेश देती है।
आचार्य राजेश कुमार शर्मा ने भैया-बहनों को बताया कि प्रत्येक कार्य को ईमानदारी, लगन और उत्कृष्टता के साथ करना ही भगवान विश्वकर्मा के प्रति सच्ची श्रद्धा है।
कार्यक्रम में भैया-बहनों ने शिशु सभा के माध्यम से भगवान विश्वकर्मा से संबंधित विचार एवं प्रेरक प्रसंग प्रस्तुत किए। अंत में सभी ने भगवान विश्वकर्मा से देश, समाज और विद्यालय की उन्नति तथा सभी के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। इस अवसर पर संपूर्ण आचार्य परिवार एवं भैया बहन उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat